देवप्रयाग। नगर के लिए प्रस्तावित नई पंपिंग पेयजल योजना को लेकर क्षेत्र में विवाद शुरू हो गया है। भटकोट न्याय पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने पेयजल एवं निर्माण निगम, देवप्रयाग पर गंभीर आरोप लगाया है। कहा कि निगम नई योजना को जानबूझकर उनकी मौजूदा बाजीधार स्थित मुनेठ सजवाण कोण्डा पंपिंग योजना से जोड़ने की साजिश रच रहा है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल निगम द्वारा सजवाण कांडाधार पम्पिंग योजना के इंटेकवेल पर नगर की नई पंपिंग योजना जोड़ी गई तो जनता सड़कों पर उतर आएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में पेयजल सचिव एवं निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र सौंपा है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा है की देवप्रयाग नगर के लिए स्वीकृत पंपिंग योजना को गुपचुप तरीके से उनकी मौजूदा मुनेठ सजवाण कांडा योजना से जोड़ा जा रहा है। उनका तर्क है कि सजवाण कांडा योजना पहले से ही भटकोट न्याय पंचायत के कई गांवों की जलापूर्ति कर रही है, और नई योजना के जुड़ने से उनके क्षेत्र की जलापूर्ति बुरी तरह प्रभावित होगी। उनका कहना है कि पहले ही गर्मियों के समय मे पूरे क्षेत्र में पेयजल की समस्या बनी रहती है। सर्दियों में इंटेकवेल से नदी का पानी 50 से 70 मीटर दूर चला जाता है। ऐसे में नगर के लिए बनाई जाने वाली 12 करोड़ की पंपिंग योजना का इस इंटेकबेल से जोड़ कर जनता को गुमराह कर उनके हकों से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है की अगर विभाग द्वारा मौजूद सजवाण कांडा पंपिंग योजना पर नगर की योजना को जोड़ा गया तो इसके गम्भीर परिणाम होंगे। भटकोट न्याय पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत, विनोद टोडरिया, सभासद राहुल कोटियाल, संगीता ध्यानी, सुनीता तिवाड़ी, प्रधान रेखा देवी, आभा देवी, अशोक तिवाड़ी आदि शामिल थे।