श्रीनगर। टीजीएमओयू और जीएमओयू के बीच बसों के रोटेशन को लेकर विवाद गहरा गया है। ऋषिकेश में टीजीएमओयू से जुड़े लोगों द्वारा जीएमओयू की बसें रोके जाने के विरोध में शनिवार को श्रीनगर में जीएमओयू से जुड़े लोगों ने टीजीएमओयू और यातायात कंपनी की बसों को रोककर सवारियां उतार दीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में कुछ बसों को आगे जाने दिया गया।
जीएमओयू के पौड़ी स्टेशन प्रभारी अरुण रावत ने कहा कि कंपनी को लंबे संघर्ष के बाद शासन से देहरादून से बस संचालन का परमिट मिला है। रोटेशन को लेकर आपत्ति है तो शासन स्तर पर वार्ता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में बसें रोके जाने का विरोध श्रीनगर में किया गया। वहीं टीजीएमओयू कार्यालय प्रभारी दिनेश सकलानी और नरेंद्र कंडियाल ने कहा कि बसों का संचालन ऋषिकेश की संयुक्त रोटेशन समिति के अनुसार होना चाहिए। रोटेशन का पालन नहीं होने से उनकी बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
रोजाना 60 से अधिक बसें
टीजीएमओयू की करीब 20 से अधिक और जीएमओयू की 40 बसें प्रतिदिन ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून से रुद्रप्रयाग की ओर संचालित होती हैं। विवाद के चलते इन बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
रोडवेज बसों पर बढ़ा दबाव
जीएमओयू और टीजीएमओयू की तकरार के बीच रोडवेज बसें यात्रियों के लिए सहारा बनी हैं। श्रीनगर स्टेशन प्रभारी अशोक काला ने बताया कि गोपेश्वर, जोशीमठ, ऊखीमठ और गुप्तकाशी से आने वाली बसों के साथ ही श्रीनगर से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाली बसें भी फुल चल रही हैं। कई यात्रियों को सीट तक नहीं मिल पा रही है।