जनपद के शिक्षक संगठन महकमे के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले पर बिफर गए हैं। उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी-शिक्षक संघ, राजकीय शिक्षक संघ ने फैसला वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शिक्षा महकमे के शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के फैसले पर उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ ने नाराजगी व्यक्त की है। संघ का कहना है कि विभाग शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रहा है। संघ के मंडल अध्यक्ष आशुतोष सेमवाल ने कहा कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति छात्रों के हित में नहीं है। जिला मुख्य संयोजक सीताराम पोखरियाल ने कहा कि सरकार के उत्पीड़न की इस कार्रवाई को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाध्यक्ष जयदीप रावत ने कहा कि कर्मचारी आचरण नियमावली तो सही है, लेकिन विभाग ने जिस प्रकार के मानक निर्धारित किए हैं। वह किसी भी सूरत में बर्दास्त करने योग्य नहीं है। इस अवसर पर लक्ष्मण रावत, मुकेश बहुगुणा, भवान सिंह, मनोज काला, विश्वसेन, संग्राम सिंह, अर्जुन राणा, संदीप कुकरेती, विनय डबराल, देवेंद्र कंडारी आदि मौजूद थे।