श्रीनगर। परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी, छूटी गई परीक्षा कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने गढ़वाल विवि की कुलपति से मुलाकात की। आक्रोशित छात्रों को देखते हुए कुलपति कार्यालय के सभागार में बैठक की गई। छात्रों ने विवि के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर कुलपति के समक्ष आक्रोश व्यक्त किया। कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल के आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए।
बृहस्पतिवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रों ने विवि के विभिन्न मुद्दों को लेकर कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल से वार्ता की। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय के परीक्षा अनुभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं संस्कृत विषय के चौथे सेमेस्टर के छात्रों की परीक्षा दोबारा कराए जाने की भी मांग की।
छात्रसंघ महासचिव आंचल राणा ने कहा कि 29 मई को संस्कृत विषय का जो पेपर छात्रों को दिया गया उसमें पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे गए थे। 10 में से 9 प्रश्न आउट आफ सिलेबस थे, जिसके चलते छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। विवि प्रशासन को चाहिए कि वह परीक्षा को दोबारा कराए।
छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल ने कहा कि परीक्षा के दौरान छात्रों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई परीक्षाओं में पेपर कोड गलत दे दिया जाता है। पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र में दिए जा रहे हैं, जिसके चलते छात्रों को परीक्षा का बहिष्कार करना पड़ रहा है। विवि प्रशासन के परीक्षा अनुभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार परीक्षा के समय पर ही प्रश्नपत्र प्रिंट किए जा रहे हैं।
प्रश्न पत्रों में त्रुटि होने के कारण बोर्ड पर लिख कर प्रश्न बदलवाए जा रहे हैं। छात्र नेता कैवल्य जखमोला ने कहा कि जब छात्र अपनी समस्याओं को लेकर परीक्षा नियंत्रक या उप कुलसचिव परीक्षा के पास जाते हैं, तो उन्हें डराया धमकाया जाता है। मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बैठक में विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने जो पेपर गलत छपे थे उन पर जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जल्द अविलंब निर्णय लेने के लिए अधिकारियों को कहा। छात्रों की सभी समस्या का प्रमुखता से समाधान किया जाएगा। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. आरके ढोडी, परीक्षा नियंत्रक अनिल नौटियाल, सहायक कुलसचिव अरविंद कुमार, डीएडब्ल्यू समेत छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।