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शैलेश मटियानी पुरस्कार में जिला और मंडल की संस्तुति दरकिनार

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शिक्षा विभाग ने शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन में जिला और मंडल स्तर की संस्तुति को दरकिनार कर दिया है। जनपद पौड़ी से जिला व मंडल स्तर पर जिस शिक्षक को सर्वोच्च अंक प्रदान कर रिपोर्ट निदेशालय भेजी गई थी। घोषित सूची से उस शिक्षक का नाम गायब है। अब मामले के तूल पकड़ने से विभागीय अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक जनपद पौड़ी से वर्ष 2017-18 के लिए शैलेश मटियानी पुरस्कार चयन को लेकर शिक्षा विभाग की अगस्त 2018 में मुख्य शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जीआईसी उज्याड़ी के शिक्षक केशर सिंह असवाल के कार्यों को देखते हुए सर्वोच्च अंक देकर प्रथम वरीयता में रखा गया। जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा उन्हें 75 और दूसरे स्थान पर रहे शिक्षक को 60 अंक दिए गए। इस बैठक में प्राचार्य डायट प्रतिनिधि के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक और जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक बतौर सदस्य शामिल रहे। इसके बाद शिक्षा विभाग के मंडलीय स्तरीय चयन समिति द्वारा भी शिक्षक केशर सिंह असवाल को प्रथम वरीयता में रखते हुए अपनी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई। चयन समिति में मंडल के सात जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों के अलावा अपर शिक्षा निदेशक प्राथमिक शिक्षा और अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा शामिल थे। जिला और मंडलीय संस्तुति के बावजूद माध्यमिक शिक्षा में पुरस्कार के लिए घोषित सूची में शिक्षक केशर सिंह असवाल का नाम गायब है। इस संबंध में पूछे जाने पर सीईओ पौड़ी मदन सिंह रावत का कहना है कि शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए गठित चयन समिति द्वारा तीन शिक्षकों का चयन कर रिपोर्ट अपर निदेशक कार्यालय को भेज दी गई थी।
पांच अंक ही दे सकता है निदेशालय
पौड़ी। शैलेश मटियानी पुरस्कार में निदेशालय मात्र पांच अंक दे सकता है। इस मानक के अनुसार द्वितीय स्थान पर रहने वाले शिक्षक को निदेशालय स्तर पर पूरे पांच अंक मिलने पर भी केशर सिंह पहले स्थान पर ही आ रहे थे, क्योंकि असवाल के कुल 75 अंक और द्वितीय स्थान पर रहने वाले के शिक्षक के 60 अंक हैं।
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इनका कहना है
शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए सीईओ कार्यालय से समिति के माध्यम से मूल्यांकन होकर शिक्षकों के नाम अपर निदेशालय आते हैं। मंडल स्तर पर मिली सूची में नामों को क्रॉस चेक किया जाता है। पुरस्कार के लिए शिक्षक के नाम का अंतिम चयन महानिदेशालय स्तर पर होता है। -महावीर सिंह बिष्ट, एडी माध्यमिक, पौड़ी।
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कोई भी फाइल या रिपोर्ट मंडल से सीधे शासन को नहीं आती है। निदेशालय शासन को जो रिपोर्ट भेजता है, शासन उस पर ही अमल करता है। इसी आधार पर पुरस्कारों की सूची जारी की गई है। अब अगर इस पर सवाल उठ रहा है तो निदेशालय से फाइल मंगवाकर इसे दिखवाया जाएगा।
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-आर मीनाक्षीसुंदरम, सचिव शिक्षा, उत्तराखंड
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