नवांकुर नाट्य संस्था पौड़ी की ओर से आयोजित 20 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतिम दिन प्रशिक्षित बच्चों के अभिनय से सजी ‘सपनों की दुनिया’ नाटक की शानदार प्रस्तुति दी गई। नाटक में धरती पर बच्चों की स्थिति को देखते भगवान भी दुखी हो जाते हैं। नाटक में बच्चों ने अभिनय के विविध रंग बिखेर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
संस्कृति भवन प्रेक्षागृह में आयोजित ‘सपनों की दुनिया’ नाट्य प्रस्तुति का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीओ प्रशांत कुमार आर्य ने किया। उन्होंने कहा कि गर्मियों के अवकाश में बच्चों को सृजनात्मक गतिविधियों से जोड़कर रचनाशील बनाने के लिए ऐसे आयोजन अनुकरणीय हैं। इस दौरान प्रस्तुत नाटक में एक बच्ची रिया के सपने में भगवान आते हैं और कहते हैं कि मुझे बच्चों से मिलवाओ। रिया भगवान को पहले प्राइवेट स्कूल और उसके बाद सरकारी स्कूल में बच्चों से मिलवाने ले जाती है, लेकिन भगवान प्राइवेट स्कूलों में प्रबंधन की मनमानी और सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं की बदहाली देख बहुत ही दुखी हो जाते हैं। इसके बाद रिया व भगवान पार्क में जाते हैं, जहां बच्चों से टिकट लिया जाता है। कारखानों में जाते हैं तो वहां बच्चे बाल मजदूरी करते मिलते हैं। यह सब देख भगवान की आंखों में पानी आ जाता है। तब भगवान कहते हैं बच्चों के बालपन से खिलवाड़, अमीर-गरीब, शोषण की विकृतियां तो मैंने इंसान को नहीं दी थी। इंसान ने स्वयं खड़ी की खाई को स्वयं ही मिटाना होगा। मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना... गीत के साथ संपन्न हुई बच्चों की इस मार्मिक नाट्य की प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से जमकर सराहा। अंशिका, निहाल, आयुष, पायल, निखिल, लोकेश चौहान, आराध्या, आयुषी रस्तोगी, लवी, नितिन, आयुष, अभय आदि अभिनय किया। निर्देशन अजीत बहादुर का रहा। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अशोक बौड़ाई, मनोज दुर्वी, रोहित शाह, सोनाली रावत, दीपिका नेगी, शुभम बिष्ट, शंकर आदि मौजूद रहे।