राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल बुरांसी में छात्रसंख्या हो गई है शून्य
पौड़ी। कभी छात्र-छात्राओं की चहल-कदमी से गुलजार रहने वाले राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल बुरांसी अब बंद होने के कगार पर है। आरोप है कि शिक्षकों के आपसी विवाद के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिला करवा दिया है।
विकासखंड कोट के इस विद्यालय में कांडा, बुरांसी व कांडई के कुल 14-15 बच्चे अध्ययनरत थे। विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक और तीन शिक्षकों समेत कुल चार पद स्वीकृत थे। कांडई के ग्राम प्रधान अजय कुमार बछेती का कहना है कि पिछले साल तक विद्यालय में आसपास के गांवों के बच्चे अध्ययनरत थे।
दो शिक्षकों में आए दिन विवाद के चलते विद्यालय का शिक्षण कार्य प्रभावित होता रहता था। बच्चों ने भी शिक्षकों की हरकतों की शिकायत अभिभावकों से की थी जिससे धीरे- धीरे अभिभावकों ने अपने बच्चों को दूसरे विद्यालयों में दाखिला करवा दिया। गांव के अधिकांश बच्चे अब करीब 7 से 8 किमी दूर जीआईसी ओजली जा रहे हैं। ऐसे में विद्यालय बंद होने की नौबत आ गई है। हालांकि शिक्षा विभाग से कुछ दिनों की मोहलत मांगी है। इस बीच कोई बच्चा दाखिला दे लेता है तो विद्यालय बंद होने से बच जाएगा। बताया कि शिक्षकों का अन्य विद्यालयों में तबादला हो जाए तो ग्रामीण अब भी अपने बच्चों को बुरांसी स्कूल भेजने के तैयार हैं।
कोट ब्लॉक में एक और विद्यालय हुआ बंद
छात्र संख्या के शून्य होने से कोट स्थित प्राथमिक विद्यालय सैंज बंद हो गया है। विद्यालय के एकमात्र छात्र के पांचवीं कक्षा पास करने के बाद विद्यालय में ताला लटक गया है। जिले में छात्र संख्या शून्य होने के चलते अभी तक करीब 30 विद्यालय बंद किए जा चुके हैं।
- तत्कालीन प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय में शिक्षकों की ओर से अव्यवस्था को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी जिस पर जांच भी की गई थी। जांच रिपोर्ट बीते अप्रैल में उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। साथ ही छात्र संख्या शून्य होने के चलते विद्यालय बंद का प्रस्ताव विभाग को भेजा है। यदि एक भी छात्र का दाखिला हो जाए तो विद्यालय फिर से संचालित किया जाएगा। - भारती गैरोला, बीईओ कोट।