सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष का एलान
एनआईटी के मुद्दे पर कांग्रेस ने गोला पार्क में दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण की मांग के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गोला पार्क में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करने का एलान किया।
शनिवार को एनआईटी मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गोला पार्क में पूर्व विधायक गणेश गोदियाल के नेतृत्व में धरना दिया। इस मौके पर आयोजित जनसभा में गोदियाल ने एनआईटी का निर्माण न होने के लिए भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार हर मोर्चेे पर विफल रही है। भाजपा के नेता जानबूझकर कर एनआईटी मुद्दे को उलझाने में लगे हैं, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को सड़कों से लेकर संसद तक उछालने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर एनआईटी को सुमाड़ी से नहीं जाने दिया जाएगा।
कांग्रेस नगराध्यक्ष भूपेंद्र पुंडीर ने कहा कि नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को तीन माह में पूरी रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवाड़ी ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक को भी इस मसले पर साथ देना चाहिए। धरने में पीसीसी सदस्य बीरेंद्र सिंह नेगी, युवा कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री विजय रावल, मीडिया प्रभारी लाल सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य कैलाश चंद्र, बिड़ला परिसर के छात्र संघ अध्यक्ष अंकित रावत, हीरा लाल जैन, उम्मेद सिंह मेहरा और भगत सिंह डागर आदि बैठे। संचालन पूर्व सभासद सुधांशु नौडियाल ने किया।
एनआईटी के भूमि दानदाताओं ने बनाई विकास समिति
स्थायी परिसर के निर्माण के लिए सरकार पर बनाएगी दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण को लेकर भूमि दानदाताओं और जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। इस मौके पर एनआईटी के लिए संघर्ष तेज करने को एनआईटी विकास समिति का गठन किया गया। तय किया गया समिति प्रशासन के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी।
विकास खंड खिर्सू के न्याय पंचायत चमराड़ा में संपन्न बैठक में एनआईटी के स्थायी एवं अस्थायी कैंपस के संबंध में 27 जुलाई को आए नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर चर्चा की गई। कहा गया कि राज्य और केंद्र सरकार का स्पष्ट फैसला न होने के कारण समस्त भूमि दानदाता व ग्रामवासी असमंजस में हैं।
बैठक में तय गया किया कि अब अगर एनआईटी परिसर के स्थायी निर्माण पर कोई संशय होता है और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो समस्त क्षेत्रवासी एक बार पुन: उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर एनआईटी विकास समिति का गठन किया गया। इसमें इंद्रमोहन काला को अध्यक्ष और सुरजीत बिष्ट को सचिव की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख खिर्सू भवानी गायत्री संरक्षक और भगवान सिंह रावत उपाध्यक्ष बनाए गए। बैठक में ग्राम प्रधान चमराड़ा जितेंद्र धनाई, ग्राम प्रधान सुमाड़ी सत्यदेव बहुगुणा, प्रधान खालू कविता देवी, मनोज भट्ट व मनोज बिष्ट आदि मौजूद थे।