गंगा-भागीरथी में दो युवकों के बहने की घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क, कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने किया निरीक्षण
देवप्रयाग। उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल देवप्रयाग में गंगा और भागीरथी नदी के तेज बहाव में इसी महीने दो युवाओं के बह जाने की दुखद घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को रोकने और श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने अपनी टीम के साथ संगम घाट का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने नगर पालिका देवप्रयाग से एक विशेष सुरक्षा घेरा तैयार करने की मांग की है। इस योजना के तहत भागीरथी नदी पर बेला गुफा के पास से नदी के ऊपर होते हुए संगम घाट तक लोहे के मजबूत तार (केबल) खींचे जाएंगे जिनमें सुरक्षा रस्सियों और चेन को लटकाया जाएगा। ठीक इसी तरह का सुरक्षा तंत्र गंगा नदी पर भी टोडेश्वर चट्टान से लेकर आस्था पथ तक लगाने की मांग की गई है। इस सुरक्षा उपाय का मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि कोई व्यक्ति या श्रद्धालु दुर्भाग्यवश नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगता है, तो वह पानी के ऊपर लटकी इन रस्सियों या चेन को पकड़कर खुद को संभाल सके। इससे नदी में बह रहे व्यक्ति को तुरंत सहारा मिल जाएगा और पुलिस व रेस्क्यू टीमों को उसे सुरक्षित बाहर निकालने में जरा भी देरी नहीं होगी। पुलिस का मानना है कि इस कदम से संगम पर आने वाले लोगों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। इस मौके पर एसआई कविता बड़थ्वाल, अरुण त्यागी, अपर उपनिरीक्षक राकेश बिष्ट, रवि तोमर, राजेन्द्र आदि मौजूद रहे।