ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग सुरंग निर्माण के लिए विस्फोटकों के इस्तेमाल से बदरीनाथ हाईवे पर चमधार में भूस्खलन की आशंका जताई जा रही है। लोनिवि एनएच खंड ने इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराया है। साथ ही आरवीएनएल से पीडब्लूडी विस्फोट की एनओसी निरस्त करने पर विचार कर रहा है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पुष्टि के लिए भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाएगा।
श्रीनगर से करीब सात किलोमीटर दूर चमधार पुल के दोनों ओर भूस्खलन से बार-बार यातायात अवरुद्ध हो रहा है। फरासू और चमधार के बीच हाईवे की स्थिति बहुत खराब हो गई है। यहां पुश्ता ढह गया है। लगभग 500 मीटर ऊपर तक भूस्खलन होने से बोल्डर गिर रहे हैं। लोनिवि एनएच खंड के सहायक अभियंता राजीव शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों का कहना है कि रात के वक्त सुरंग के लिए विस्फोट किए जा रहे हैं। इससे सड़क में भूस्खलन हो रहा है। पूर्व में आरवीएनएल को शर्तों के साथ विस्फोट करने की एनओसी दी गई थी। यदि ऐसा ही होता रहा, तो एनओसी निरस्त कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आरवीएनएल को पत्र भेजा जा रहा है।
-लोनिवि के ईई ने पत्र भेजकर अवगत कराया है कि सुरंग के लिए विस्फोटकों का प्रयोग करने से भूस्खलन होने की आशंका है। इसलिए क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण करवाया जाएगा। - रविंद्र बिष्ट, एसडीएम श्रीनगर
-जिस स्थान पर भूस्खलन हो रहा है, वह स्थान कार्यस्थल से काफी दूर है। सुरंग निर्माण की वजह से हाईवे को नुकसान नहीं पहुंच रहा है। -पीपी बडोगा, डीजीएम आरवीएनएल