नगर पालिका क्षेत्र देवप्रयाग के सौड वार्ड के प्रभावितों को भूमि और भवन का प्रतिकर न दिए जाने पर प्रभावितों सहित नगर पालिकाध्यक्ष और सभासदों ने आरवीएनएल और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रभावितों ने रेलवे पर स्थानीय लोगों को रोजगार न देने का भी आरोप लगाया, जिसके विरोध में उन्होंने 21 मार्च से आरवीएनएल और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। उन्होंने मांग को लेकर आरवीएनएल के अधिकारियों और डीएम को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में प्रभावितों सहित नगर पालिकाध्यक्ष और सभासदों ने कहा कि रेलवे की ओर से स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा कर मेरठ, दिल्ली, मुजफ्फरनगर आदि क्षेत्रों के लोगों को रोजगार दे दिया गया। कहा कि परियोजना निर्माण के लिए सौड वार्ड के लोगों ने अपनी कृषि भूमि, भवन और फलदार पेड़ दिए हैं। इसके बाद भी राजस्व विभाग पौड़ी व रेलवे की मिलीभगत से आज भी प्रभावितों को मुआवजे से वंचित रखा गया है। जिनके भवन तोड़े गए उनको न तो प्रतिकर का भुगतान किया गया और नहीं विस्थापित किया गया। उनकी भूमि पर रेलवे ने जबरन कब्जा कर दिया है। रेलवे सुरंग व स्टेशन के निर्माण में अत्यधिक विस्फोटकों का प्रयोग करने से भवनों में दरारें आ चुकी हैं। कहा कि प्राथमिक विद्यालय सौड़ के निकट रेलवे की निर्माण एजेंसी की ओर से सीवर का पिट बनाए जाने से दुर्गंध फैल रही है। साथ ही निर्माण स्थल से उड़ रही धूल से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। प्रभावितों ने एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान न किए जाने पर जिला प्रशासन एवं रेलवे के खिलाफ 21 मार्च से आंदोलन और क्रमिक अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में सभासद अरुण मिश्रा, रूपेश गुर्साइं, विकास ध्यानी, अर्जुन सिह व राहुल कोटियाल आदि शामिल थे।