विवादों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में शिक्षकों को मिली पदोन्नतियां/ग्रेड पे जांच के दायरे में आ गई हैं। पदोन्नति में मानकों का पालन नहीं किए जाने को लेकर मिली शिकायत के बाद संस्थान की बीओजी (बार्ड ऑफ गवर्नर्र्स) के उपाध्यक्ष व तकनीकी शिक्षा सचिव ने मामले की जांच के निर्देश देने के साथ ही तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया है। आगामी 14 जून को जांच टीम घुड़दौड़ी पहुंचकर मामले की पड़ताल करेगी।
जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में सेवारत 39 शिक्षकों को दिसंबर 2021 में पदोन्नति/ग्रेड पे प्रदान की गई। पदान्नति/ग्रेड पे पाने वालों में 18 शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर, 12 एसोसिएट प्रोफेसर व 9 प्रोफेसर शामिल हैं। शिक्षकों की पदोन्नति/ग्रेड पे की पूरी प्रक्रिया को संस्थान की विगत 14 मई को संपन्न हुई बीओजी में रखा गया। इसे बीओजी में सहमति दी गई, लेकिन संस्थान की बीओजी के उपाध्यक्ष व तकनीकी शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने पदोन्नति/ग्रेड पे दिए जाने में नियमों, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानकों का अनुपालन नहीं किए जाने और बीओजी के सामने समस्त तथ्य प्रस्तुत नहीं किए जाने की शिकायत मिलने पर मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं। तकनीकी शिक्षा सचिव रमन ने तकनीकी शिक्षा निदेशक, तकनीकी विवि के कुलसचिव व मुख्य कोषाधिकारी पौड़ी की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। संस्थान के कुलसचिव प्रो. वीएन काला ने बताया कि संस्थान में पदोन्नति/ग्रेड पे मामले में शासन स्तर से तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। टीम के संस्थान में आने पर सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जांच समिति की रिपोर्ट को आगामी बीओजी में रखा जाएगा, जिसके बाद मामले में अग्रिम निर्णय बीओजी में ही लिया जाएगा।