जिलास्तरीय अधिकारी एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर वहां की समस्याओं से रू-ब-रू होंगे। अधिकारियों को ग्रामीणों के साथ बैठकें करनी होंगी। यही नहीं, उन्हें बैठकों की फोटोग्राफ्स भी जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने होंगे।
जिलाधिकारी ने इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस कार्यक्रम के लिए डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि गढ़वाल आयुक्त विनोद शर्मा के दिशा-निर्देशों के क्रम में सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को एक बार फिर से गांवों में भ्रमण पर जाने व रात को विश्राम करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने रोस्टर के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण तथा बैठकें कर वहां की समस्याओं का निस्तारण करेंगे।
ग्रामीणों की हर समस्या का समाधान मौके पर ही हो सके, इसके लिए इस प्रकार के कार्यक्रम बेहद अहम हैं। उन्होंने बताया कि बैठकों में सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिकारियों को बैठकों की रंगीन फोटोग्राफी कर जिलाधिकारी को उपलब्ध करानी होगी।
जिलाधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकारियों के कामों की समीक्षा प्रत्येक माह के पहले सप्ताह में करेंगे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों के कामों की समीक्षा मंडल आयुक्त की ओर से भी की जाएगी।