केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग के चौथे निदेशक के रूप में प्रो. विजयपाल शास्त्री ने पदभार ग्रहण किया है। उनसे पूर्व प्रो. सर्वनारायण झा, प्रो. केबी सुब्बारायुडू, प्रो. वनमाली बिश्वाल परिसर के निदेशक रह चुके हैं।
वर्ष 2020 में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद प्रो. विजयपाल शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ परिसर के चौथे निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया। प्रो. शास्त्री संस्कृत और अनेक भाषाओं के विद्वान होने के साथ ही कई ग्रंथों के लेखक हैं। उनकी विभिन्न विधाओं के साथ कई पुस्तकें एवं शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। प्रो. शास्त्री ने कहा कि श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर को विश्वविद्यालय के श्रेष्ठ परिसर की श्रेणी में स्थापित करना उनकी पहली प्राथमिकता है। इस अवसर पर निवर्तमान निदेशक प्रो. वनमाली बिश्वाल, डॉ. सच्चिदानंद स्नेही, डॉ. कृपाशंकर शर्मा, डॉ. शैलेंद्र प्रसाद उनियाल, डॉ. अनिल कुमार आदि मौजूद थे। संवाद