श्रीनगर जीजीआईसी की शिक्षिका लक्ष्मी राय के बयान लेती पुलिस
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यहां राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) की शिक्षिकाएं शुक्रवार को दूसरे दिन काम पर लौट आई। इससे प्री बोर्ड परीक्षाएं बिना किसी बाधा के शुरू हो गई। शिक्षिकाओं ने राजकीय शिक्षक संघ को पत्र भेजकर इस प्रकरण में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सीईओ के तबादले की मांग की है। अध्यापक-अभिभावक संघ ने भी सीईओ के व्यवहार की निंदा की है।
सीईओ मदन सिंह रावत गत बृहस्पतिवार को जीजीआईसी श्रीनगर पहुंचे थे। विद्यालय की शिक्षिकाओं का आरोप है कि सीईओ ने इतिहास की प्रवक्ता लक्ष्मी रॉय के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। सीईओ ने विगत 22 दिसंबर को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के कार्यक्रम में न आने पर शिक्षिका को डांट लगाई थी। सीईओ के व्यवहार से नाराज शिक्षिकाओं ने बृहस्पतिवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया। शिक्षिकाओं ने प्री बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार का एलान किया था, लेकिन बाद में छात्राओं के भविष्य को देखते हुए बहिष्कार स्थगित कर दिया गया।
शिक्षिकाओं ने बताया कि वह आंदोलन से पीछे नहीं हटी हैं। प्रकरण में राजकीय शिक्षक के जिलाध्यक्ष और मंत्री को पत्र भेजकर आगे आने का अनुरोध किया गया है। वहीं पीटीए अध्यक्ष रघुवीर प्रसाद ने कहा कि शिक्षिका के साथ अशिष्ट व्यवहार उचित नहीं है।
जांच अधिकारी ने लिए बयान
श्रीनगर। कोतवाली के एसएसआई विनय कुमार ने जीजीआईसी पहुंचकर शिकायत करने वाली शिक्षिका लक्ष्मी रॉय के बयान लेने के साथ ही घटना के संबंध में पूछताछ की। यहां बता दें कि सुश्री रॉय ने इस मामले में कोतवाली में तहरीर दी है। वहीं, कई शिक्षक नेता भी पीड़ित शिक्षिका से मिलने आए।
गुस्से पर रखना चाहिए था काबू: एडी गढ़वाल
श्रीनगर। अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) गढ़वाल महावीर बिष्ट ने सीईओ और शिक्षिकाओं के व्यवहार को उचित नहीं माना है। उन्होंने बताया कि शिक्षिका ने उनके कार्यालय में पत्र भेजा है, लेकिन वह काम के सिलसिल में बाहर हैं। उनको मीडिया से इस घटनाक्रम का पता चला। उन्होंने मामले में प्रधानाचार्या से भी फोन पर वार्ता की है। एडी ने कहा कि अधिकारियों को अपना आपा नहीं खोना चाहिए। सीईओ को गुस्सा काबू में रखकर बात करनी चाहिए थी, अब शिक्षिकाओं को भी इसको ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए। विभागीय मंत्री के श्रीनगर आगमन पर शिक्षिकाओं को कार्यक्रम में जाना चाहिए था। सभी अधिकारी अपने उच्चाधिकारियों के मौखिक आदेश का पालन भी करते हैं। इस मामले में सीईओ से बात करने के साथ ही स्वयं जीजीआईसी आकर घटनाक्रम की जानकारी लेंगे।