जिले में शनिवार को 10 मोटर मार्गों पर यातायात बाधित रहा। लोनिवि सुबह से ही जेसीबी के जरिए यातायात सुचारु करने और बर्फ हटाने के लिए जुटी रही, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते मोटर मार्गों पर यातायात दोपहर तक बहाल नहीं हो पाया था। वहीं थलीसैंण क्षेत्र के कुछ गांवों में बिजली आपूर्ति भी सुचारु नहीं हो पाई। यहां बर्फबारी से बिजली के चार पोल और लाइनें जगह-जगह टूट गए हैं।
जिले में भारी बर्फबारी के कारण बुआखाल-रामनगर हाईवे सहित मरचूला-सराईखेत, थलीसैंण-बूंगीधार, थलीसैंण-चौरीखाल सहित पाबौ-संतुधार, दमदेवल-पोखरी, गवाणा-कमलखेत, कोट मल्ला-रीठाखाल और बैंजरों-जोगीमणी सड़कों पर आवाजाही ठप रही। बारिश व बर्फबारी से थलीसैंण, चौरीखाल, शंकरपुर आदि इलाकों में सड़कों को खोलने में शनिवार को भी मुश्किलें आईं। यहां करीब दो फीट तक बर्फबारी हुई है। बुआखाल-रामनगर हाईवे धुमाकोट और दीवा के बीच करीब दस किलोमीटर पर बर्फबारी है। एसडीओ स्यूंसी नवीन मैंदोला ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण पेड़ गिरने से बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन्हें ठीक किया जा रहा है। विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाई है। डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे ने लोनिवि और विद्युत विभाग के अधिकारियों को यातायात व बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।