ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब नौ किमी दूर चमधार-देवलगढ़-भटोली सड़क की बदहाली से ग्रामीण और वाहन चालक परेशान हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, क्षतिग्रस्त पुश्ते और झाड़ियां दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। मरोड़ा, कांडा, गंवाणा, रामपुर, गैरू, सुरालगांव और देवलगढ़ सहित कई गांवों के लिए यह प्रमुख संपर्क मार्ग है।
सड़क किनारे नालियां नहीं होने से हल्की बारिश में बरसाती पानी सड़क पर बहने लगता है। देवलगढ़ क्षेत्र विकास सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति के अध्यक्ष एवं मंदिर के पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल ने बताया कि विभाग को सड़क की खस्ताहाल स्थिति से अवगत कराया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई स्थानों पर झाड़ियां इतनी बड़ी हो चुकी हैं कि सामने से आ रहा वाहन भी नहीं दिखाई देता, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
चमधार से बुघाणी तक करीब 14 किमी सड़क के नवीनीकरण के लिए टेंडर हो चुका है। करीब सवा दो करोड़ रुपए की लागत से सड़क पर यह कार्य होना है। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
किशोर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि श्रीनगर