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विज्ञान का सकारात्मक प्रयोग जीवन को बनाता है सरल

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महाविद्यालय पोखड़ा में चित्रकला के साथ छात्राएं व शिक्षक। - फोटो : PAURI
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राजकीय महाविद्यालय पोखड़ा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि विज्ञान का सकारात्मक दृष्टिकोण से किया गया उपयोग जीवन को सहज, सरल बनाता है, लेकिन विज्ञान के नकारात्मक पहलु को प्राथमिकता दी जाए, तो वह विनाश का कारण भी बन सकता है। वहीं विज्ञान दिवस पर आयोजित चित्रकला में निकिता, निबंध में शालिनी व भाषण प्रतियोगिता में साक्षी ने बाजी मारी।
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महाविद्यालय परिसर पोखड़ा में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य राज ममता ने किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान हमें जिज्ञासु प्रवृति प्रदान करता है, जिससे हम नवाचार के लिए प्रेरित होते हैं। ममता ने छात्रों को विज्ञान के नकारात्मक पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की निकिता प्रथम, कशिश द्वितीय व बीए तृतीय की दिव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सतत भविष्य के लिए विज्ञान व तकनीकी एकीकृत दृष्टिकोण विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में बीए तृतीय वर्ष की शालिनी रावत पहले, बीए प्रथम वर्ष की कंचन दूसरे व दीपांजलि तीसरे स्थान पर रही। भारत के वैज्ञानिकों के जीवन परिचय पर आधारित भाषण प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की साक्षी रावत प्रथम, बीए तृतीय वर्ष की शालिनी रावत द्वितीय व बीए द्वितीय वर्ष की कशिश ने तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर आशा आर्य ने किया। कार्यक्रम में डा. ऋषिकांत प्रजापति व असि. प्रोफेसर रमेश चंद्र ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
पोस्टर में शीतल और भाषण में ऋतिक प्रथम
घनसाली (टिहरी)। यूकॉस्ट देहरादून व पीजी कॉलेज नई टिहरी की पहल पर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बालगंगा महाविद्यालय सेंदुल केमर में गोष्ठी हुई। यूकॉस्ट के जिला समन्वयक डा. कुलदीप रावत ने कहा कि मानव जो कार्य कर रहा है वही वास्तव में विज्ञान है। कॉलेज के प्राचार्य डा. बीसी उनियाल व डा. गुरुपद गुसाईं ने कहा कि सतत विकास के लिए सभी लोगों को मिलकर कार्य करने की जरूरत है। इस दौरान हुई पोस्टर प्रतियोगिता में शीतल प्रथम, पूजा द्वितीय और शिवानी तृतीय रही। भाषण में ऋतिक, नीलम व पारस क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। स्कूल स्तर की प्रतियोगिता में अस्मित जयाड़ा प्रथम, महादेव जोशी द्वितीय व सागर तृतीय रहे। कार्यक्रम में विद्या मंदिर चमियाला व राइंका केमरा केमर के छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया। इस मौके पर आरती खंडूड़ी, माधुरी, डीएस भंडारी, सरिता बहुगुणा, रेखा बहुगुणा, मुकेश नैथानी, रीना पुरोहित, मृदुला, आरती, भगत सिंह, जयवीर सिंह, पुरुषोत्तम नौटियाल उपस्थित रहे। आयोजक डा. बद्रीश बड़ोनी ने अतिथियों का स्वागत किया और संचालन जितेंद्र डोभाल ने किया। संवाद
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‘मानव सभ्यता का विकास ही विज्ञान का विकास’
श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक कला निष्पादन केंद्र चौरास परिसर में गौरवशाली विज्ञान सप्ताह के अंतिम दिन विशेषज्ञों ने विज्ञान के महत्व के बारे में बताया। कहा कि मानव सभ्यता का विकास ही विज्ञान का क्रमबद्ध विकास है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के प्रतिकुलपति प्रो. आरसी भट्ट ने कहा कि भारत के गौरवशाली विज्ञान के आविष्कार को देखें तो मोहनजोदड़ो और हड़प्पा सभ्यता में जिंक जैसी धातुओं के आविष्कार का पता चलता है। इसलिए पुरातन विज्ञान को पाठ्यक्रम से जोड़ा जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि प्रो. एससी बागड़ी ने जनकल्याण के लिए मानव के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देना होगा। गढ़वाल विवि के मुख्य नियंता प्रो. बीपी नैथानी ने छात्रों से खगोल विज्ञान के क्रमबद्ध विकास की जानकारी दी। इस मौके पर सप्ताह भर आयोजित की गई रंगोली, पोस्टर, क्वीज, निबंध, कविता, मॉडल आदि के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर प्रमाणपत्र भेंट किए। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक प्रभाकर बडोनी, प्रो. एसके गुप्ता, डा. राकेश डोडी, डा. सरला सकलानी, रश्मि डोडी, डा. राहुल बहुगुणा व डा. वरुण बर्थवाल आदि मौजूद थे। संवाद
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