पौड़ी। सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत से धोखाधड़ी के दोषी अपीलार्थी को आंशिक रूप से राहत मिली है। न्यायिक मजिस्ट्रेट लैंसडौन की अदालत ने नवंबर 2023 को गले के गुलोबंद को चमकाने के नाम पर सोना चोरी के दोषी को दो साल के सश्रम कारावास व 20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने सजा को एक साल तीन माह कर दिया है।
अर्थदंड यथावत ही रहेगा। वर्तमान में दोषी देहरादून जेल में है।थाना रिखणीखाल पुलिस को 9 अगस्त 2022 को सिनाला गांव निवासी हीरा सिंह ने एक तहरीर दी थी। ग्रामीण ने बताया था कि घर पर उसकी मां अकेली थी। इस बीच उनके घर पर दो लोग आए आए। उन्होंने मां से गले के गुलोबंद को चमकाने की बात कही। बुजुर्ग मां ने गुलोबंद दिया। जिसका वजन 25 ग्राम था। बताया कि मां ने जब मुझे घटना बताई, तो मैंने गुलोबंद का दोबारा स्वर्णकार से वजन कराने पर वह 19 ग्राम पाया गया।
उन्होंने उक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी व संपत्ति को अनुचित तरीके से नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की थी। पुलिस ने 20 अगस्त 2022 को तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। जिन्हें 19 सितंबर 2022 को जमानत मिली थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट लैंसडौन की अदालत में प्रकरण की सुनवाई हुई। अदालत ने बीते 30 नवंबर 2023 को फैसला सुनाते हुए दो को दोषमुक्त करार दिया था।
जबकि एक आरोपित को गुलोबंद चमकाने के नाम पर सोना चोरी का दोषी पाया था। अदालत ने दोषी को दो साल के सश्रम कारावास व 20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। दोषी ने उक्त न्यायालय के फैसले को सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत में चुनौती दी थी। सत्र न्यायाधीश पौड़ी अजय चौधरी की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन कर दोषी अपीलार्थी पवन सोनी निवासी ग्राम कोलबड्डा, जिला गोड्डा झारखंड को आंशिक राहत प्रदान की है। अदालत ने दोषी के दो साल के सश्रम कारावास की सजा में बदलाव करते हुए 1 साल तीन माह किया है। 20 हजार का अर्थदंड यथावत है। जिसे जमा नहीं किए जाने पर दोषी को एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।