सुमाड़ी मे ग्रामीणो से बातचीत करते मंत्री धन सिंह रावत
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एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के स्थायी कैंपस के शिलान्यास की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने अधिकारियों के साथ स्थायी कैंपस के लिए सुमाड़ी में चिहिृृत भूमि का निरीक्षण करने के साथ ही बैठक ली। रावत ने बताया कि इसी माह में भूमि पूजन और शिलान्यास होगा। उन्होंने अधिकारियों को 21 अक्तूबर से पूर्व सारी तैयारियां करने के निर्देश दिए।
बुधवार को राज्यमंत्री रावत ने अधिकारियों के साथ एनआईटी के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया। यहां जनसभा के लिए पर्याप्त जगह की कमी को देखते हुए मुख्य जनसभा श्रीनगर स्थित जीआईएंडटीआई मैदान में आयोजित करने का निर्णय लिया। निरीक्षण के पश्चात एनआईटी के प्रशासनिक भवन में बैठक की। जिसमें मंत्री ने कहा कि चुनाव आचार संहिता के चलते भूमि पूजन और शिलान्यास के लिए चुनाव आयोग से अनुमति ली जा रही है। आयोग से अनुमति मिलने के बाद तिथि की घोषणा कर दी जाएगी। इस कार्यक्रम में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत व सुबोध उनियाल सहित जिले के सभी विधायक शामिल होंगे। रावत ने बताया कि सुमाड़ी में लगभग आधा घंटे के कार्यक्रम के बाद जीआईएंडटीआई मैदान में जनसभा होगी। बैठक में डीएम डीएस गर्ब्याल, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. केके अग्रवाल, एनआईटी के कुलसचिव डा. सुखपाल सिंह, एसडीएम दीपेंद्र नेगी व तहसीलदार सुनील राज आदि मौजूद रहे।
दूसरी बार होगा शिलान्यास
श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर का दूसरी बार शिलान्यास होगा। पहली बार वर्ष 2014 में कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया था। अब भाजपा शासनकाल में दोबारा शिलान्यास होगा।
प्रथम चरण में 700 करोड़ रुपयों की आवश्यकता
श्रीनगर। सुमाड़ी में एनआईटी प्रथम फेज के निर्माण कार्य के लिए लगभग 700 करोड़ की डीपीआर बनाई गई है। कार्यदायी संस्था सीपीडब्लूडी से डीपीआर मिलने के बाद एनआईटी प्रशासन ने इसे एमएचआरडी भेज चुका है। एनआईटी के कुलसचिव डा. सुखपाल सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में 100 एकड़ भूमि पर काम होगा। यहां 1260 छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ने व रहने की व्यवस्था बनाई जा रही हैं। सीपीडब्लूडी के सहायक अभियंता सीके सिंह ने बताया कि इसमें कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, छात्रावास व आवास बनेंगे।