पौड़ी। जिला चिकित्सालय पौड़ी में एक सप्ताह से जलापूर्ति ठप पड़ी हुई है। इससे चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। चिकित्सालय प्रशासन मरीजों को पानी नहीं होने की शर्त पर तीमारदार की जिम्मेदारी से भर्ती कर रहा है। जल संस्थान पानी की कमी को चिकित्सालय प्रशासन की अव्यवस्था करार दे रहा है, जबकि चिकित्सालय प्रशासन जलापूर्ति जल्द सुचारु होने की बात कह रहा है।
जिला चिकित्सालय पौड़ी में विगत एक माह से जलापूर्ति पूरी तरह से चरमराई हुई है, जिससे मरीजों व तीमारदारों को सार्वजनिक शौचालय जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। पीने के पानी की व्यवस्था भी मरीज के तीमारदार को ही करनी पड़ रही है। चिकित्सालय प्रशासन मरीजों को भर्ती करने से पहले उसके तीमारदार से भर्ती पर्चें में पानी की व्यवस्था न होने पर अपनी जिम्मेदारी से मरीज को भर्ती कर रहा हूं, लिखवाकर ही भर्ती कर रहा है। चिकित्सालय में 28 मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती हैं। परिवर्तन ग्रामीण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष चंद्रशेखर जुयाल ने बताया कि जिला चिकित्सालय प्रशासन मरीजों के प्रति उपेक्षित व्यवहार कर रहा है। मरीज के लिए वार्ड के बाथरूम व शौचालय में पानी होना अति आवश्यक है, लेकिन विगत एक सप्ताह से चिकित्सालय के वार्डों में भर्ती मरीज पानी को लेकर परेशान हैं। भर्ती मरीज सती देवी ने कहा कि पानी नहीं होने से शौचालय में दुर्गंध फैली है, जिससे मरीजों के और भी बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। जल संस्थान के सहायक अभियंता संजय कुमार ने बताया कि संस्थान चिकित्सालय के टैंक में सप्लाई देता है। उसके बाद सप्लाई की व्यवस्था चिकित्सालय प्रशासन की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय का कनेक्शन 20 एमएम का है, जबकि सप्लाई 65 एमएम की है। साथ ही सप्लाई व्यवस्था ठीक न होना भी जलापूर्ति नहीं होने का कारण है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. आरएस राणा ने बताया कि चिकित्सालय प्रशासन जलापूर्ति को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति की व्यवस्था जल्द ही सुचारु कर ली जाएगी।