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‘अतिक्रमण, नशेड़ियों के उत्पात से दिलाएं निजात’

Tue, 03 Nov 2015 10:04 PM IST
कोटद्वार
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मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में चालीस समस्याएं दर्ज की गई, लेकिन समाधान एक का भी नहीं हो सका। समस्याओं का निराकरण न होने से जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने तहसील दिवस को समस्या दिवस बताते हुए आक्रोश जताया।
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ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय पुलिस प्रशासन दावे तो बहुत करता है, लेकिन लोगों को सड़कों पर पसरे अतिक्रमण और नशेड़ियों के उत्पात तक से निजात नहीं दिलवा पा रहा है। पेंशन, बिजली, पानी और सड़क समेत दर्जनों समस्याएं सदाबहार बनी हैं, जिनके निराकरण के लिए प्रयास तक नहीं हो पा रहे हैं।

एसडीएम के छुट्टी पर होने के कारण मंगलवार को तहसील दिवस की अध्यक्षता तहसीलदार अबरार हुसैन ने की। इस मौके पर लोगों की ओर से समाज कल्याण, सिंचाई, उद्यान, बिजली, विकासखंड और सड़क से जुड़ी समस्याएं छाई रही। कौड़िया की प्रधान बबीता देवी ने उनके क्षेत्र में पेयजल किल्लत की शिकायत की। काशीरामपुर की प्रधान सुनीता देवी ने कौड़िया संपर्क मार्ग पर स्वीकृत पुल के अविलंब निर्माण की मांग की। कहा कि आठ अक्तूबर की बीडीसी बैठक में लोनिवि के अधिकारियों ने जल्द पुल निर्माण की बात कही थी, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को आंदोलन का अल्टीमेटम थमा दिया गया है। उत्तराखंड आंदोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा के जिला प्रवक्ता विजय ध्यानी ने समस्याओं का पुलिंदा थमाते हुए कहा कि छह साल से वह लगातार सड़कों पर अतिक्रमण, ट्रैफिक समेत कई समस्याएं उठाते आ रहे हैं, डीएम और एसपी के आदेशों के बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हैैं। तहसीलदार ने कहा कि सभी समस्याओं पर एसडीएम स्तर पर कार्रवाई होगी।
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यमकेश्वर मेें अधिकारी नदारद, फरियादी मायूस
यमकेश्वर। प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को होने वाला तहसील दिवस यमकेश्वर में मजाक बनकर रह गया है। अधिकारियों की उदासीनता यहां ग्रामीणों की समस्याओं पर भारी पड़ रही है। तहसील दिवस में तहसीलदार तो आए थे, लेकिन दूसरे विभागों के अधिकारी नदारद थे। इससे फरियादियों के हाथ मायूसी लगी। इस मौके पर केवल चार शिकायतें दर्ज की गई, जिनका मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला ने समस्याओं पर संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। पहली शिकायत ज्येष्ठ उपप्रमुख विनोद डबराल ने की। कहा कि प्राथमिक विद्यालय थनूर में काफी समय से एक ही शिक्षक है, ग्रामीण काफी समय से दूसरे शिक्षक की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। ग्राम प्रधान सीला आशीष रतूड़ी ने वर्ष 2014 की आपदा में ग्राम सीला में निर्मित मोटर पुल के बहने के संबन्ध में तथा ग्र्राम फेडवा में पांच वर्षो से ट्रांसफार्मर नहीं लगाने की शिकायत की। उत्तराखंड चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी ने एक शिकायत छूटे हुए आन्दोलनकारी को शामिल करवाने की मांग की। ग्राम प्रधान ढांगी सतीश चन्द्र ने कहा कि पिछली तहसील दिवस में बंदरों के आतंक के बारे में शिकायत की थी, कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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