पौड़ी। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की ओर से आयोजित दस दिवसीय मशरूम कल्टिवेशन कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मशरूम की खेती का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
आरसेटी भवन में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक आशुतोष ममगाईं ने बताया कि ग्रामीण युवाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना और उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य को लेकर कार्यशाला हुई। वर्तमान में मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से संचालित किया जा सकता है। ट्रेनर रीना रावत व यशवंत सिंह ने मशरूम उत्पादन की उन्नत तकनीकों की जानकारियां दीं। उन्होंने बीज की तैयारी, कम्पोस्ट निर्माण, उत्पादन प्रक्रिया, रोग एवं कीट प्रबंधन और विपणन के बारे में अवगत कराया। संवाद