अखिल भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के सम्मेलन में केंद्र सरकार को सभी डाक कर्मचारियों को विभागीय कर्मचारी घोषित करने, डाक सेवकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग उठाई गई। मांगों का शीघ्र निस्तारण न होने की दशा में केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला लिया गया। सम्मेलन में सभी ग्रामीण डाक कर्मियों से मांगों के निस्तारण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया।
संस्कृति भवन के प्रेक्षाहाल में बलवंत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में केंद्र सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। संगठन के केंद्रीय सलाहकार जगदीश रावत ने कहा कि सरकार डाक कर्मचारियों की मांगों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। सुरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रही है। सीटू के जिला मंत्री देवानंद नौटियाल ने कहा केंद्र सरकार का तानाशाहीपूर्ण रवैया सहन करने योग्य नहीं है। हरीश नेगी, विजय राणा, विजय नैथानी और संतोष ढौंढियाल ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों से 10 से 12 घंटा काम लिया जा रहा है, लेकिन उसे अतिरिक्त ड्यूटी का अतिरिक्त वेतन नहीं दिया जा रहा है।
नंद किशोर डोभाल, पदम भूषण नेगी, ने कहा कि डाक कर्मचारियों को सातवें वेतन में शामिल करने, उन्हें विभागीय कर्मचारी घोषित करने, सभी डाक सेवकों को समान कार्य के समान वेतन देने समेत उनकी कई मांगों पर सरकार की ओर से कोई विचार नहीं किया जा रहा है। संचालन विमल प्रसाद ने किया।