उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के अस्थाई कैंपस के निर्माण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कार्यदायी संस्था को दिसंबर से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार शाम मंत्री डा. रावत ने एनआईटी सभागार में संस्थान के अस्थाई कैंपस निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही पर कार्यदायी संस्था सीपीडब्लूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) की ओर से नियुक्त एजेंसी को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि लगभग 76 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें 500 छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल भी शामिल है। कार्यदायी संस्था को जुलाई तक काम पूरा करना था, लेकिन अभी तक अधूरा काम हुआ है। एनआईटी के कुलसचिव डा. पीएम काला ने बताया कि इस संबंध में संस्था को कई बार नोटिस दिया जा चुका है। सीपीडब्लूडी कार्य पूर्ण करने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा, जिस पर मंत्री ने कहा कि दिसंबर से पूर्व कार्य पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कुलसचिव को हर 15 दिन में निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एनआईटी उप कुलसचिव डॉ. विनीता नेगी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष गिरीश पैन्यूली, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रमेश मंद्रवाल, जिला मीडिया प्रभारी गणेश भट्ट, नगर महामंत्री मानव बिष्ट और सभासद अनूप बहुगुणा आदि मौजूद थे।