छह दिन बीतने के बाद भी नगर पालिका क्षेत्र में कूड़ा नहीं उठने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि कूड़ा नहीं उठने से नगर के करीब 32 स्थानों पर लगे कूड़ेदान भर गए हैं, जिनसे गंदगी फैल रही है। ऐसे में घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
पालिका को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद पैदा हुई स्थिति से नगर की व्यवस्थाएं चरमराने लगी है। छह दिनों से नगर के विभिन्न स्थानों पर जमा कूड़ा सड़ने पर लोगों का बदबू से जीना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर लोगों को सड़क पर फैले कूड़े के ऊपर से ही गुजरना पड़ रहा है। सोमवार को श्रीनगर और श्रीकोट के लोग समस्या से परेशान होकर पालिका दफ्तर धमक पड़े। वहां पालिकाध्यक्ष नहीं मिलने पर उन्होंने स्वास्थ्य निरीक्षक का घेराव किया। लोगों का कहना था कि नगर निगम और नगर पालिका के खेल के बीच जनता पीस रही है। आम आदमी और स्कूली बच्चों का बदबू के मारे आनाजाना मुश्किल हो चुका है। इस पर स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने लोगों से कहा कि पालिका में आहरण वितरण अधिकारी नहीं होने से कूड़े वाहनों के तेल के लिए पैसा नहीं निकल पा रहा है। साथ ही पालिका और संविदा कर्मियों का एक माह का वेतन भी नहीं निकला है। जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। इस पर लोग शांत हुए। प्रदर्शनकारियों में सभासद विनोद मैठाणी, संजीव कुमार, रवि कुमार, दीपक, जगदीश, विनोद, सचिन, विजेंद्र, राजेश्वरी जोशी, डा. मुकेश सेमवाल, रेशमा पंवार, पूजा, ऋषभ बिष्ट, अंजूल रावत, मनीष थपलियाल, रोहण, अखिलेश, पूजा, सावित्री आदि शामिल थे।
वेतन नहीं मिलने पर पालिका कर्मी व पर्यावरण मित्र आज से हड़ताल पर
वेतन नहीं मिलने से परेशान पालिका कर्मी व पर्यावरण मित्रों ने एसडीएम का घेराव किया। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने से उनके सामने भुखमरी की समस्या पैदा हो गई। उन्होंने 22 फरवरी से कार्यबहिष्कार पर जाने का निर्णय लिया है। ऐसे में नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाएगी।
पालिका कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों को जनवरी माह का वेतन नहीं मिल पाया है, जिससे उनका गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने एसडीएम का घेराव कर जल्द समस्या के निराकरण की मांग की है। कर्मियों का कहना था कि वेतन भुगतान की मांग के लिए शहरी विकास विभाग, जिलाधिकारी व पालिकाध्यक्ष को पत्र भेजा गया, लेकिन आज तक उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। उन्होंने एसडीएम/नगर आयुक्त अजयवीर सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वेतन न मिलने से अल्प वेतन भोगियों के परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बैंक से लिए गए ऋण की किश्त समय पर न चुकाने पर उन्हें विलंब शुल्क देना पड़ रहा है। कर्मियों ने कहा कि अब वह 22 फरवरी से कार्यबहिष्कार के साथ पालिका परिसर में धरना देंगे। इस दौरान एसडीएम ने भी उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।