पर्वतीय अलग जिला बनाए जाने की मांग को लेकर बीरोंखाल ब्लाक के ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जुलूस निकालते हुे प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार जिला की घोषणा नहीं करेगी तो क्षेत्र से आने वाले चुनाव में इवीएम मशीन खाली वापस जाएंगी। ब्लाक में वोट का बहिष्कार किया जाएगा।
शनिवार को जयानंद भारीतीय जिला निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले ब्लाक के विभिन्न ग्राम पंचायतों से ग्रामीण बीरोंखाल ब्लाक में एकत्र हुए। उन्होंने जिला नहीं तो वोट नहीं.. नारों के साथ बीरोखाल ब्लाक मुख्यालय से बाजार तक में जुलूस निकाला और धरना प्रदर्शन किया । इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि बीरोंखाल में अलग पर्वतीय जिला निर्माण के लिए जयानंद भारतीय जिला निर्माण संघर्ष समिति बीरोंखाल के बैनर तले क्षेत्र के ग्रामीणों का लगातार चार माह से धरना, प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन उत्तराखंड सरकार द्वारा इस आंदोलन की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेताया कि यदि वर्तमान राज्य सरकार ने बीरोंखाल, नैनीडांडा, थैलीसेण, रिखणीखाल, पोखड़ा को मिलाकर नया जिला नही बनाया तो वे विधानसभा चुनाव सहित सभी चुनावों के बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। चुनाव में इवीएम मशीन खाली जाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
धरना प्रदर्शन में महिला मंगल दल ग्राम पंचायत डुमैला, सिसई, रगडीगाड, नौगांव, स्यूंसी बंगार, सेरा, ककरोडा, भोराड, कोटली, घोडियाना, भरपूर, कंदलेखा, नाकुरी, भमरई आदि महिला मंगल दल की महिलाओं के अलावा संघर्ष समिति के अध्यक्ष चित्र सिंह कंडारी, जिला पंचायत सदस्य जयदीप नेगी, अनूप बिष्ट, खुशाल सिंह, ओमपाल बिष्ट, धीरज सिंह आर्य, वासुदेव विमल, मोहन सिंह कंडारी सहित बड़ी संख्या मे जन प्रतिनिधि व जिला संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित थे।