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नौकरियों से निकालने और वेतन न देने वाले स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई

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श्रीनगर। सरकार ने नौकरियों से निकालने और कर्मचारियों को वेतन नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने महामारी के दौरान जारी नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलोें का पंजीकरण भी रद करने की चेतावनी दी है। विभाग की तरफ से जारी किए गए निर्देश की प्रति अमर उजाला के पास मौजूद है।
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स्कूल शिक्षा विभाग कश्मीर (डीएसईके) को शिकायत मिल रही थी कि कई निजी स्कूल अपने कर्मचारियों को निकालने के साथ उन्हें वेतन नहीं दे रहे हैं। इस आधार पर उन्होंने कुछ स्कूलों के प्रबंधकों को बुलाया था। बैठक में सभी ने नियमों का पालन करने की बात कही थी। बावजूद कुछ स्कूल इसको लेकर हीलाहवाली कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक यूनिस मलिक ने बताया कि सरकार की तरफ से निजी स्कूलों को महामारी के दौरान सरकार की ओर से केवल ट्यूशन फीस लेने स्पष्ट निर्देश हैं। जिससे की वह कर्मचारियों को वेतन दें सकें। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को कोरोना के दौरान अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के साथ अन्य नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। डीएसईके ने यह भी कहा है कि यदि कोई उल्लंघन करता है तो उस स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें बिना सूचना के पंजीकरण रद करना तक शामिल है। 16 जून 2020 को डीएसईके ने सर्क्युलर जारी किया गया था। इसमें निजी स्कूलों को लॉकडाउन अवधि के लिए त्रैमासिक आधार के बजाय मासिक आधार पर छात्रों से केवल ट्यूशन फीस लेने को कहा था। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के दौरान फीस बढ़ोतरी नहीं करने की बात कही गई है। यह भी कहा गया है कि कोई भी स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा सामग्री या कक्षाओं में शामिल होने से इनकार नहीं कर सकता जो मौजूदा स्थिति के कारण फीस का भुगतान करने में असमर्थ हैं।
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