ब्लाक बीरोंखाल के ग्राम पंचायत घनश्याली में पूर्व प्रधान के कार्यकाल में विकास कार्यों में 3 लाख 23 हजार से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। डीएम ने जांच आख्या में अनियमितता पाए जाने के बाद पूर्व प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के खिलाफ वसूली का आदेश जारी किया है। वहीं डीपीआरओ ने संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को आदेश जारी कर गबन राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।
बीरोंखाल ब्लाक के घनश्याली ग्राम पंचायत में पूर्व प्रधान रामचरण की ओर से विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता करने की शिकायत ग्रामीणों ने डीएम से की थी। इस पर डीएम ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर मामले की जांच कराई। जांच टीम ने पेयजल टैंक निर्माण में फर्जी व्यय वाउचर अभिलेखों में दर्ज कर शासकीय धन के दुरुपयोग का दोषी पाया। ताछीखाल भटवाडो, लोहारखेत, मेलधार और अनुबस्ती में पेयजल मरम्मत कार्य में 1 लाख 17 हजार से अधिक की धनराशि का गबन किया गया। पुश्ता एवं श्रोत मरम्मत खौद में 26 हजार से अधिक का भुगतान फर्जी वाउचर के माध्यम से किया पाया गया। पंचायत भवन मरम्मत, सीसी मार्ग निर्माण, शौचालय निर्माण में भी जांच टीम ने अनियमितता पाई। वहीं जांच टीम को पूर्व प्रधान के पास 10 मनरेगा जॉब कार्ड अनाधिकृत रूप से पाए, जिनमें एक कार्डधारक के खाते में धनराशि डलवाकर बिना उनके हस्ताक्षर के ही निकाले गए हैं। एक कार्ड धारक को अधिकतम 100 दिनों के रोजगार की जगह 102 दिनों का रोजगार दिया गया।
15 दिनों में धनराशि जमा नहीं की तो होगी वसूली
वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) एमएम खान ने बताया कि विकास कार्यों में सरकारी धन के गबन में पूर्व प्रधान रामचरण के साथ ही संबंधित क्षेत्र के तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुनील कोटनाला को जांच टीम ने दोषी पाया है। पूर्व प्रधान से 1 लाख 61 हजार 665 रुपये और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से 1 लाख 61 हजार 666 रुपये की वसूली के आदेश डीएम ने जारी किए हैं। 15 दिनों में पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को वसूली की धनराशि पंचायत के खाते में जमा करनी होगी नहीं तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।