कुपवाड़ा। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को बैक टू विलेज कार्यक्रम के तहत एलओसी पर माछिल इलाके में दरबार लगाया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए सुरक्षा बलों में स्थानीय भर्ती रैलियां आयोजित कराने की घोषणा की। साथ ही पिछले कई दशकों से मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पांच मोबाइल टावर लगाने का भी एलान किया। कहा कि ग्रामीण उद्योगों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जल्द ही जम्मू-कश्मीर में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। कुपवाड़ा-बारामुला रेल लाइन सरकार की प्राथमिकता में है जिसके लिए सर्वे का काम चल रहा है।
माछिल में उन्होंने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर में इको सिस्टम विकसित करना चाहते हैं जो स्वरोजगार, उद्यमिता, उद्योगों के विकास को बढ़ावा दे सके। इससे केंद्र शासित प्रदेश का ग्रामीण इलाका आत्म निर्भर बन सकेगा। स्थानीय क्राफ्ट और परंपरागत कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा।
कुपवाड़ा बनेगा अखरोट का इंडस्ट्रियल हब
कुपवाड़ा एस्पिरेशनल जिलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की श्रेणी में है, जिसे अब अखरोट उत्पादन के इंडस्ट्रियल हब में तब्दील करना है। यहां प्रति वर्ष 50 हजार टन अखरोट और तीन लाख टन सेब का उत्पादन होता है। दस लाख की लागत से लगने वाला प्रत्येक यूनिट 20 से 25 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगा। 30-35 टन अखरोट का उत्पादन होगा। उन्होंने जिला और पंचायत प्रशासन से अखरोट व सेब प्रोसेसिंग प्लांट के लिए क्लस्टर प्लान बनाने को कहा। कहा कि सरकार फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए 50 प्रतिशत की सहायता कर रही है।
किसान क्रेडिट कार्ड व स्पोर्ट्स किट का वितरण
सिन्हा ने 471.80 लाख की लागत से तैयार खुमरियाल-माछिल 33 केवी लाइन का उद्घाटन किया। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड, स्पोर्ट्स किट, लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। 70 साल के बाद माछिल एवं केरन क्षेत्र के लोगों को बिजली सुविधा मिलने पर बधाई दी। उन्होंने यूपीएससी में सफल होने वाले नादिया बेग और आफताब रसूल को बधाई दी। विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर समस्याएं जानते हुए विकास कार्यों का फीडबैक लिया।
कुपवाड़ा समेत पिछड़े इलाकों में होगा विकास
उप राज्यपाल ने कहा कि बार्डर जिला होने की वजह से स्थानीय बाशिंदों को होने वाली परेशानियों से वे भली भांति परिचित हैं। सरकार कुपवाड़ा और जम्मू-कश्मीर के अन्य पिछड़े इलाकों को राष्ट्र की मुख्य धारा के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्य विकास से ही संभव है।