भाबर के सिगड्डी क्षेत्र के लोकमणिपुर गांव में बुधवार रात को एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की चाकू और पेचकश से गला गोदकर हत्या कर दी।
घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पूर्व में भी अपनी पत्नी की हत्या का प्रयास कर चुका है, लेकिन तब उसे बचा लिया था।
कोतवाली क्षेत्र के लोकमणिपुर गांव में अनुसूचित जाति बस्ती (बगड़) में नवींद्रपाल पुत्र स्व. बाबूराम परिवार समेत रहता है।
बुधवार की रात उसकी पत्नी शमसा देवी (35) अपने तीनों बच्चों बेटी गायत्री (12) और बेटे नीरज (11), निखिल (10) को लेकर घर के पास चल रही रविदास लीला देखने चले गए।
जबकि नवींद्रपाल घर पर ही रहा। रात को करीब साढे़ बारह बजे शमसा देवी तीनों बच्चों के साथ घर लौटी और सो गई।
सुबह करीब साढे़ छह बजे घर से बच्चों की रोने की आवाज सुनी तो पड़ोस में रहने वाले नवींद्र के छोटे भाई नंदकिशोर और विनोद कुमार वहां पहुंचे।
कमरे के अंदर जाकर देखा तो शमसा देवी बिस्तर पर लहूलुहान मरी पड़ी थी। नंदकिशोर ने घटना की जानकारी ग्राम प्रधान पूनम देवी को दी।
सूचना पर कलालघाटी पुलिस और कोतवाल प्रमोद शाह घटनास्थल पर पहुंचे।
हत्यारोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कोतवाल प्रमोद शाह ने बताया कि शमसा देवी और उसके बच्चे जब रात को घर लौटे तो बड़ी बेटी दूसरे कमरे में सो गई थी।
जबकि दोनों बेटे, शमसा देवी और नवींद्र एक कमरे में थे।
शमसा देवी को जब नींद आ गई तो रात को करीब एक से दो बजे के बीच नवींद्र ने उसके गले पर चाकू और पेचकश से कई वार किए। इसकी भनक दोनों बेटों को भी नहीं लगी। इसके बाद आरोपी उसी कमरे में सो गया। सुबह साढ़े छह बजे उसने बच्चों को उठाया और बताया कि उनकी मां मर गई है। बच्चों के रोने के बाद ही अन्य लोगों को घटना का पता चला। उन्होंने बताया कि हत्या की वजह नवींद्र पाल का अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करना बताया जा रहा है। वह दिहाड़ी मजदूरी का काम करता है, लेकिन कुछ समय से काम पर नहीं जा रहा था। हत्यारोपी के बडे़ भाई चंद्रप्रकाश की ओर से घटना की तहरीर पुलिस को दी गई है।