नई दिल्ली में देश के 42 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में महिला फैकल्टियों की कमी पर चिंता जताई गई। बैठक में कहा गया कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में डीन, एचओडी व कुलपति पदों पर महिलाएं काफी कम हैं। इसके अलावा एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क) रैंकिंग सुधारने व विवि में किसी भी तरह की विभिन्नता देखने को न मिले इसके लिए कुलपतियों को प्रयास करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
बैठक से लौटने के बाद केंद्रीय विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने बताया कि जिन विश्वविद्यालयों की एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क) रैंकिंग अच्छी नहीं है, उन्हें रैंकिंग सुधारने को कहा गया हैं। इसके लिए क्या-क्या प्रयास हों इस पर बैठक में गहन विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में यह बात भी सामने आयी कि कई विश्वविद्यालय अभी तक विवि एल्यूमिनाइ का गठन नहीं कर पाए हैं। जिन विश्वविद्यालयों में इसका गठन नहीं हुआ है उन्हें शीघ्र इसका गठन किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए आईआईटी दिल्ली का एक मॉडल, जिसमें उनके द्वारा एल्यूमिनाइ इनवॉयरमेंट फंड की स्थापना की गई है। कुलपतियों को इसी तरह का मॉडल अपनाने को कहा गया है। बैठक में बताया कि इस फंड से आईआईटी दिल्ली के द्वारा बहुत सी गतिविधियां की जा रही हैं। इसके अलावा आईपीआर पॉलिसी के अंतर्गत शिक्षकों व शोध छात्रों को उनके शोध कार्यों को पेटेंट के लिए प्रेरित कराए जाने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। कहा कि केंद्रीय गढ़वाल विवि की ओर से इन पर कार्य शुरू कर दिया गया है।