गोसिल गांव में बीते चार अक्तूबर शाम करीब साढ़े पांच बजे सुशीलदास के बेटे जसप्रीत (10) पर गुलदार ने हमला कर दिया था जिसमें जसप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गया था।
ब्लाॅक मुख्यालय हिंडोलाखाल के समीपवर्ती गोसिल गांव व क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है। स्वास्थ्य परीक्षण में गुलदार स्वस्थ मिला है। अधिकारियों का कहना है कि पिंजरे में कैद गुलदार को चिडियाघर हरिद्वार भेजा जाएगा।
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गोसिल गांव में बीते चार अक्तूबर शाम करीब साढ़े पांच बजे सुशीलदास के बेटे जसप्रीत (10) पर गुलदार ने हमला कर दिया था जिसमें जसप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गया था। जसप्रीत का देहरादून में एक निजी अस्पताल में उपचार किया गया था। वन क्षेत्राधिकारी देवप्रयाग दीक्षा भट्ट ने बताया कि गोसिल गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए तीन पिंजरे लगाए गए थे जिनमें वारगुरु मेला स्थल के निकट लगे पिंजरे में गुलदार कैद हुआ।
गुलदार के पिंजरे में कैद होते ही उसे देखने भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ देखकर गुलदार पिंजरा तोड़ने की कोशिश करने लगा तो टीम ने पिंजरे को तिरपाल से ढक दिया। पहाड़ी जोश संस्था के स्वयंसेवियों ने पिंजरे को एक किमी उठाकर सड़क तक पहुंचाया जहां से देवप्रयाग स्थित रेंज कार्यालय में लाकर पशु चिकित्सक डॉ. हरि सिंह बिष्ट व डाॅ. प्रीति पंत ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पकड़ा गया गुलदार स्वस्थ है। उसकी उम्र दस वर्ष है। डीएफओ नरेंद्रनगर अमित कंवर ने बताया कि गुलदार को चिड़ियाघर हरिद्वार भेजा जाएगा।