राजकीय शिक्षक संघ ने राजकीय जनसंख्या रजिस्टर डाटा बेस सुधारीकरण अभियान में लगाई गई शिक्षकों की ड्यूटी का घोर विरोध किया है। संगठन के जिलामंत्री मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी को ड्यूटी न लगाने के संबध में ज्ञापन दिया है।
ज्ञापन के अनुसार राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों को बीएलओ/राष्ट्रीय जनगणना कार्य में ना लगाए जाने के स्पष्ट शासनादेश के बावजूद शिक्षकों की डयूटी लगाई गई है।
प्रशासन द्वारा लगातार शैक्षणिक अवधि में मनमाने तरीके से डयूटी लगाकर पठन-पाठन के कार्य को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। एक तरफ जहां विभाग और प्रशासन द्वारा प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को विद्यालय से कार्यमुक्त करने के स्पष्ट आदेश ना दिए जाने पर उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है, वहीं प्रशासन द्वारा डयूटी पर ना आने वाले शिक्षकों की सूची तलब की जा रही है।
बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों के भौगोलिक परिस्थितियों में विद्यालय खुलने से पूर्व और बंद होने के बाद शिक्षकों द्वारा सर्वे का कार्य करना संभव नहीं है। राजकीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता बनाने के लिए संगठन ने शासन से शिक्षकों की डयूटी ना लगाए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में बलबीर सिंह रावत, राजेंद्र भंडारी, हरीश रावत, डब्बल सिंह रावत, पंकज शर्मा, वीरेंद्र सजवाण, भारत सिंह नेगी, अनिल कुमार मौजूद रहे।