इसे सिस्टम की गड़बड़ी कहें, या कर्मचारियों की लापरवाही। बिना टीका लगाए बिस्तर में लेटे एक युवक को कोविड वैक्सीनेशन की तीसरी डोज लगने का मैसेज आ गया। कुछ देर में वैक्सीनेशन का प्रमाणपत्र भी वेबसाइट में अपलोड हो गया।
टिहरी जिले के बागवान निवासी महेश चंद्र भट्ट 10 दिन पूर्व सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद वह वर्तमान में घर में आराम कर रहे हैं। उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वह चल सके। शुक्रवार दोपहर को उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस आया कि महेशचंद्र 3 जून 2022 को 12.52 बजे आपने कोविशील्ड की प्रीकॉशन डोज लगा ली है। आप अपना सर्टिफिकेट अपलोड कर सकते हो।
बिना टीका लगाए टीकाकरण का मैसेज आने पर महेश हैरत में पड़ गए। पुष्टि के लिए उन्होंने सर्टिफिकेट लोड किया। इसमें तीनों टीके लगने का जिक्र था। सर्टिफिकेट में यह उल्लेख किया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोलाखाल में रचना ने उनको टीका लगाया है।
महेश का कहना है जब मैं अस्पताल गया ही नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग ने किसे वैक्सीन लगाया। भविष्य मैं उन्हें यदि तीसरी खुराक लेनी होगी, तो वह कैसे ले पाएंगे। ऐसी लापरवाही से फर्जी सर्टिफिकेट भी बन सकते हैं।
इधर, सीएचसी हिंडोलाखाल के प्रभारी डॉ. अमित चौहान ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से टीकाकरण का मैसेज जा सकता है। यदि संबंधित व्यक्ति को टीका लगाना होगा, तो वह अस्पताल में सुधार कर टीका लगा सकता है।