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कोविड ड्यूटी से चार कर्मचारियों को हटाने पर रोष

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मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य से वार्ता करने पहुंचे आउटसोर्स कर्मचारी - फोटो : SHRINAGAR
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राजकीय मेडिकल कॉलेज मेें आउटसोर्स से कोविड ड्यूटी में लगाए गए चार कर्मचारियों को काम पर न आने का फरमान जारी कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें ड्यूटी से हटाने का लिखित आदेश नहीं दिया गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि हटाने की क्या वजह है। हालांकि इस प्रकरण को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। इधर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन कहना है कि उक्त कर्मियों को हटाया नहीं गया है बल्कि एजेेंसी में वापस भेजा गया है।
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मेडिकल कॉलेज में कोविड काल में जेड सिक्योरिटी और उपनल के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात किए गए हैं। शुक्रवार सुबह रेडियोलॉजी विभाग में तैनात रेडियोग्राफर यशीष रावत ड्यूटी पर पहुंचे तो विभागाध्यक्ष ने ड्यूटी पर आने से मना कर दिया। यशीष ने बताया कि जब उन्होंने हटाने की वजह लिखित में देने को कहा तो विभागाध्यक्ष ने कहा कि प्राचार्य ने ऐसा आदेश दिया है। ऐसे ही फरमान जसपाल रावत और दो अन्य महिला कर्मियों को मौखिक रूप से दिए गए। अचानक ड्यूटी से हटाने के मौखिक आदेश से आक्रोशित उक्त चारों कर्मचारी प्राचार्य से मुलाकात करने प्रशासनिक भवन पहुंचे लेकिन प्राचार्य नहीं मिले। यशीष ने कॉलेज प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि उनको बेवजह हटाया गया जबकि उनका एग्रीमेंट मार्च माह तक का है। वहीं जसपाल ने बताया कि उन्होंने चुनाव के दौरान कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। शायद इसी वजह से उनको हटाया जा रहा है।
कोट :
कर्मचारियों को हटाया नहीं गया है। एजेंसी को उनकी जरूरत दूसरी जगह है, इसलिए उनको एजेंसी को वापस भेजा गया है। इसमें कोई राजनीति द्वेषभाव की बात नहीं है।-प्रो. सीएम रावत, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर
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