कुलगाम। मुठभेड़ में मारा गया पाकिस्तानी जैश कमांडर वालिद पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से सीधा आदेश लेता था और आतंकी गतिविधियों को कश्मीर घाटी में अंजाम देता था। ं
पुलिस ने बताया कि वालिद पहले भी कई बड़े हमले कर चुका है। चार बार सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ के दौरान स्थानीय लोगों की मदद से बचकर निकल भागा था। वह कई आतंकी हमलों में शामिल था। कुलगाम में चार नागरिकों की हत्या में भी उसका हाथ था। पुलिस उसका और रिकार्ड भी तलाश रही है।
स्थानीय लोगों से घटना स्थल से दूर रहने की अपील
पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि घटनास्थल को छानबीन के बाद जब तक पूरी तरह सुरक्षित न घोषित कर दिया जाए वहां न जाएं। वहां पड़े किसी विस्फोटक में धमाके से नागरिकों को नुकसान पहुंच सकता है।
छह माह में 133 ढेर
पुलिस ने एक जनवरी से अब तक इस वर्ष 133 आतंकियों को मार गिराया है, जबकि पिछले वर्ष एक जनवरी से चार अगस्त के बीच इतने आतंकी मारे गए थे।
इस वर्ष छह माह 17 दिन में ही यह आंकड़ा हासिल कर लिया गया।
अनंतनाग में अमेरिकन राइफल छोड़कर भागा था वालिद
जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह के अनुसार, पाकिस्तानी जैश कमांडर वालिद का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है। वह आईईडी एक्सपर्ट था। कई मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों को चकमा देकर भाग निकला था। अनंतनाग में वह भागते समय अमेरिकन एमओ 4 राइफल छोड़कर भागा था।