संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के ग्रामीण क्षेत्रों की नहरों की दशा सुधरने के लिए सिंचाई विभाग की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए सिंचाई उपखंड द्वितीय कीर्तिनगर ने शासन को 544 लाख की डीपीआर भेजी है। स्वीकृति मिलने के बाद नहरों, गूलों की मरम्मत व निर्माण होने से किसानों की वर्षों पुरानी समस्या दूर हो जाएगी।
अतिवृष्टि से क्षेत्र की गई नहरें और गूलें क्षतिग्रस्त हैं, जिस कारण ग्रामीण किसानों को हर साल गर्मियों में सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ता है। ग्रामीण धनवीर सिंह राणा ने बताया कि उनके गांव में सिंचाई विभाग की नहर और गूलें हैं। लेकिन काफी समय से उनकी मरम्मत न होने से ग्रामीणों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ता है। बताया कि गर्मियों में गधेरों में पानी काफी कम हो जाता है। नहरें क्षतिग्रस्त होने से खेतों तक पूरा पानी नहीं पहुंच पाता है।
सिंचाई विभाग उपखंड कीर्तिनगर के सहायक अभियंता मंगल सिंह ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए गत माह राज्य सेक्टर व नवार्ड में क्षेत्र की मलेथा, अकरी, बारजूला की 10 क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत व निर्माण के लिए 494.40 लाख व बागवान नहर की मरम्मत व निर्माण के लिए 49. 64 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की सभी गूलाें पर पानी चल रहा है। लेकिन कुछ गूलें क्षतिग्रस्त हैं जिनका प्रस्ताव तैयार कर गत माह सर्किल कार्यालय को भेजा गया था। वहां से शासन को भेजा गया है।