रेशम विभाग के एडी (अपर निदेशक) को जिला स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक से नदारद रहना भारी पड़ गया। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने उनके वेतन पर रोक लगा दी है।
बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने पिछले वित्तीय वर्ष में पर्यटन विभाग की दीनदयाल गृह आवास योजना, होम स्टे और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना में लक्ष्य से पीछे रहने पर अफसरों को आड़े हाथ लिया। पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
डीएम ने जिले में बंद पड़े विद्यालयों में आजीविका संवर्द्धन का कार्य किए जाने के भी निर्देश दिए। अफसरों से पॉलीहाउस, मुर्गी पालन, मौन पालन, बकरी-भेड़ पालन के कलस्टर तैयार करने को कहा।
उद्यान विभाग के अधिकारियों को पॉली हाउस, सब्जी बीज वितरण, जैविक खाद, हल्दी-अदरक बीज वितरण, घेरबाड़ आदि कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ हिमांशु खुराना, डीडीओ वेद प्रकाश, एपीडी सुनील कुमार, डीएचओ डा. नरेंद्र कुमार, सीवीओ डा. एसके सिंह, सीएओ देवेंद्र सिंह राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
कड़कनाथ पर फोकस को कहा
डीएम ने मुर्गी पालन में विशेष फोकस कड़कनाथ पर करने को कहा। इसके अलावा खादी, कृषि, डेयरी, को ऑपरेटिव, सहकारिता, आईएलएसपी, मत्स्य, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास आदि विभागों की भी समीक्षा की।
विभिन्न योजनाओं में 650 रजिस्ट्रेशन
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मृत्युंजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उद्यम के क्षेत्र में 25 लाख, सेवा एवं व्यवसाय में 10 लाख तक ऋण प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं में 650 रजिस्ट्रेशन हुए हैं।