राजकीय उप जिला अस्पताल में डॉक्टर तो आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेने के लिए पंजीकरण कराने का काम काफी संघर्ष भरा है। यहां पंजीकरण करने के लिए एक ही कर्मचारी नियुक्त है। ऐसे में मरीज और उनके तीमारदार को पंजीकरण स्लिप बनवाने के लिए एक से डेढ़ घंटे लाइन में लगना पड़ रहा है।
उप जिला अस्पताल में सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक 300 से 400 मरीज व उनके तीमारदार पर्ची बनवाने के लिए खड़े रहते हैं। समस्या यह है कि यहां पंजीकरण पटल पर ही एक ही कर्मचारी नियुक्त है लेकिन महिला-पुरुष की लाइन अलग लगवाई जाती है। लोग धूप-बरसात में पर्चे बनने का इंतजार करते रहते हैं। नंबर न आने की वजह से कई बार यहां लोगों तके तनातनी भी हो चुकी है।
सोमवार को भी यहां यही स्थिति थी। यहां यह भी शिकायत आई कि कुछ लोगों की पर्ची पिछले दरवाजे से बनाई जा रही है, जिस पर यहां पहुंचे भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुशलानाथ ने रोष जताते हुए इस दरवाजे को बंद करवा दिया। उन्होंने चिकित्सालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष/डीएम पौड़ी को ज्ञापन भेजते हुए पंजीकरण के लिए महिला, दिव्यांगजन-बुजुर्ग और पुरुषों के तीन अलग-अलग काउंटर बनाने की मांग की। उन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू करने का सुझाव दिया।
-पटल पर एक ही कर्मचारी के होने से यह दिक्कत हो रही है। यह कोशिश की जा रही है कि दोपहर 12 बजे तक एक अन्य कर्मचारी की व्यवस्था की जाए। ताकि कम से कम दो पटल हो। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशक गढ़वाल मंडल से भी वार्ता की जा रही है। -डॉ. गोविंद पुजारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक उप जिला अस्पताल श्रीनगर