कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने तहसीलों से सही जानकारी न भेजे जाने पर नाराजगी जताई। डीएम ने राजस्व/रेगुलर पुलिस, पूर्ति विभाग, आबकारी विभाग, राजस्व वसूली, विवादित वाद आदि पर चर्चा की। इस दौरान वसूली की स्पष्ट जानकारी न देने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार थलीसैंण, बीरोंखाल व कोटद्वार का स्पष्टीकरण तलब किया। कहा कि समय पर राजस्व वसूली न करने वाले अमीनों के स्थानांतरण किए जाएं। साथ ही एसडीएम को पेट्रोल पंपों और खाद्यान्न गोदामों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने तहसील स्तर से सही रिपोर्ट भेजे जाने व प्रत्येक माह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का निरीक्षण करने के लिए कहा। बैठक में अनुपस्थित रहने पर तहसील पौड़ी में एसडीएम के अधीनस्थ अधिकारी का स्पष्टीकरण भी मांगा है। जबकि किराये पर चल रहे खाद्यान विभाग के गोदामों के लिए स्थान चयनित करने के लिए कमेटी गठित कर शीघ्र रिपोर्ट भेजने को कहा। डीएम ने तहसील में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और भू राजस्व, सिंचाई कर की वसूली 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम को निर्देशित किया कि बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए रोस्टर बनाकर संबंधितों से भ्रमण करवाएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जेपी पुरोहित, सीओ प्रेमलाल टम्टा, आरटीओ अनिता चंद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लिला बोरा आदि मौजूद थे।