नगर में कुछ मेडिकल स्टोर संचालक डॉक्टर के पर्चे के बिना युवाओं को नशीली दवाएं बेच रहे हैं। आरोप है कि 10 से 20 रुपये में मिलने वाले इंजेक्शन 300 रुपये में दिए जा रहे हैं। जिला उद्योग व्यापार संघ ने सुबूतों के साथ इस मामले में राज्य औषधि नियंत्रक को ज्ञापन भेजते हुए कार्रवाई की मांग की।
दरअसल पिछले दिनों शहर के व्यापारियों के संज्ञान में यह मामला आया है कि शहर के युवा एंटीएलर्जिक, बेहोशी की दवा और नींद की दवा के इंजेक्शन का प्रयोग नशे के लिए कर रहे हैं। व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष वासुदेव कंडारी, महामंत्री दिनेश पंवार, कुंवर सिंह पंवार, आनंद भंडारी, मीडिया प्रभारी दिनेश पंवार, जगदीप रावत, अवनीश सडाना और जावेद अहमद ने बताया कि कुछ दुकानदार बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीले इंजेक्शन बेच रहे हैं। जबकि सरकार ने ऐसी दवाओं पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। हालत यह है कि युवा एक इंजेक्शन के 300 रुपये तक दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लालच से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। उन्होंने नियंत्रक से मामले की जांच करते हुए कार्रवाई की मांग की।
उक्त दवाइयां बिना पर्चे के नहीं दी जा सकती हैं। यह दिमाग और हृदय पर असर डालती हैं। इनका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। लोग नशे के आदी बन जाते हैं। ओवरडोज से मौत भी हो सकती है। - डॉ. लोकेश सलूजा, वरिष्ठ सर्जन, राजकीय उप जिला अस्पताल श्रीनगर।