जम्मू। चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों के कार्यकाल को लेकर द्वितीय अतिरिक्त जज के फैसले को जस्टिस रजनीश ओसवाल ने बरकरार रखा है। दरअसल, चैंबर के पदाधिकारियों ने एक बैठक करके कार्यकाल को दो साल बढ़ा दिया था। इस बैठक में कुछ अन्य निर्णय भी लिए गए थे। बैठक में लिए गए फैसलों और कार्यकाल बढ़ाने के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इसके बाद कोर्ट ने कार्यकाल पर रोक लगा दी थी। साथ ही यह भी फैसला सुनाया था कि अगले आदेश तक पदाधिकारी चैंबर के खातों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। सिर्फ महासचिव को चैंबर के मुलाजिमों को वेतन देने और अन्य भुगतान करने का अधिकार होगा।
कोर्ट के इस फैसले को चैंबर के अध्यक्ष की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ओसवाल ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के पास इस मामले को लेकर महत्वपूर्ण रिकार्ड उपलब्ध हैं। ट्रायल कोर्ट ने अपना आदेश सभी तरह के उपलब्ध रिकार्ड और कानूनी दायरे के अंदर रहते हुए दिया था। इसलिए आदेश को बदला नहीं जा सकता। हालांकि वर्तमान समय में कोविड 19 महामारी के कारण, यह जरूरी है कि सीसीआई जम्मू व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई जानकारी का प्रसार करे। हाईकोर्ट ने द्वितीय अतिरिक्त जज के फैसले को बरकरार रखा है।