जम्मू। दुष्कर्म के आरोप में फंसे उप न्यायाधीश राजेश कुमार अबरोल को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मंगलवार को जम्मू के तृतीय अतिरिक्त जज सुनित गुप्ता ने राजेश कुमार की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी एक जिम्मेदार पद पर तैनात था। एक ऐसे संस्थान का अभिन्न हिस्सा था, जिससे लोग न्याय की आस रखते हैं। सामाज में अदालत के प्रति बहुत मान सम्मान है। उप न्यायाधीश होने के नाते समाज के प्रति उसका दायित्व बढ़ जाता है। यदि उप न्यायाधीश अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा साबित नहीं कर सकते, तो उनको किसी सामान्य व्यक्ति के मुकाबले अधिक भुगतना पड़ेगा। एक न्यायिक अधिकारी समाज का प्रेरणा स्रोत होता है, जब यही लोग ऐसा करने लगेंगे और इन्हें जमानत दे दी जाएगी तो इससे आम लोगों के हौसले बढ़ जाएंगे। ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। बता दें कि, उप न्यायाधीश पर आरोप है कि उन्होंने लड़की को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसके आधार पर केस चल रहा है। यह मामला जनवरी 2019 में सामने आया था।