जम्मू। जम्मू कश्मीर सरकारी कर्मियों के सभी सर्विस मामलों को चंडीगढ़ सीएटी में सुनवाई के लिए भेजने संबंधी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एडवोकेट आदित्य शर्मा ने एडवोकेट गगन बसोत्रा के जरिए सरकार के इस आदेश को जनहित याचिका के रूप में चुनौती दी है। 29 अप्रैल को सरकार ने आदेश दिया था कि सर्विस मामले सीएटी में सुनवाई के लिए जाएंगे।
लोकसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री के दिए गए बयान का हवाला देते हुए कोर्ट में बताया कि सीएटी की सभी 17 पीठासीन के पास 50053 केस लंबित पड़े हुए हैं। सीएटी में कुल 65 पदों में से 28 खाली हैं। चंडीगढ़ बेंच के पास तीन पद हैं। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में 40 हजार सर्विस मामले लंबित हैं। ऐसे में यह मामले सीएटी चंडीगढ़ में कैसे हल होंगे। साथ ही यहां के लोगों का चंडीगढ़ जाना संभव नहीं है। इससे उनकी आर्थिक, शारीरिक हालत पर असर पड़ेगा। याचिका में जम्मू कश्मीर के 4.5 लाख मुलाजिमों को ध्यान में रखकर प्रदेश में एक स्थायी सीएटी का गठन करने की अपील की गई है। जम्मू और श्रीनगर दोनों में सीएटी बेंच स्थापित करने की मांग की गई। अपीलकर्ता ने इस आदेश पर रोक लगाने की मांग भी कोर्ट में की है।