मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कण्वाश्रम वसंतोत्सव में जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हुए कहा कि वर्ष 2015 को कर्म वर्ष के रुप में मनाएं और रोजमर्रा के काम से ज्यादा काम कर राज्य खुशहाली के रास्ते पर बढ़ाएं।
उन्होेंने कहा कि सरकार का कृषि, शिक्षा और तकनीकी शिक्षा में बुनियादी सुधार पर जोर है। इसी से राज्य तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा।
इस मौके पर क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की। स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की पीठ थपथपाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी वे कहेंगे, उनकी सभी मांगे मंजूर हैं।
शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत कण्व ऋषि की तपस्थली और चक्रवर्ती सम्राट की जन्मस्थली कण्वाश्रम पहुंचे।
यहां वसंतोत्सव में उन्होंने कहा कि कण्वाश्रम के बारे में किताबों में ही पढ़ा था, आज देख भी लिया। कहा कि यहां के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
इस मौके पर उन्होंने कण्वाश्रम में झील निर्माण के साथ ही अन्य पर्यटन योजनाओं का मंजूर करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा ही नहीं उतरेगी, बल्कि ज्यादा काम करके दिखाएगी।
केदारनाथ के पुनर्निर्माण को उन्होंने उत्तराखंड की संकल्प शक्ति का परिणाम बताया। सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने याद दि
लाया कि 24 जनवरी को बालिका दिवस के रुप में मनाया जा रहा है। कहा कि ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, कि बेटी घर में बोझ नहीं, बल्कि लक्ष्मी के रुप में पैदा होगी। आने वाले पांच साल के अंदर राज्य में किसी भी जननी की अकाल मृत्यु नहीं होने दी जाएगी। किसी भी महिला को खून के बिना दम नहीं तोड़ने दिया जाएगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने सरकार और विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों के बारे में बताया।
समारोह का संचालन मेला समिति के अध्यक्ष पुष्कर सिंह राणा और मेहरबान सिंह नेगी ने संयुक्त रुप से किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जीजीआईसी कलालघाटी में आयोजित एक समारोह में कोटद्वार प्रेस क्लब की कार्यकारिणी को शपथ दिलाई और स्मारिका का विमोचन किया।