पौड़ी। उत्तराखंड परिषदीय परीक्षाओं में लापरवाही पाए जाने पर खंड शिक्षाधिकारी बीरोंखाल ने जीआईसी बैजरो के प्रभारी प्रधानाचार्य को परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक के पद से हटाने के आदेश दिए हैं। बीईओ ने उन्हें प्रभारी प्रधानाचार्य के प्रभार से भी मुक्त करने के लिए मुख्य शिक्षाधिकारी को पत्रावली भेजी है। साथ ही जीआईसी बैजरो के केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी इंटर काॅलेज पाली काटली के प्रधानाचार्य को सौंप दी है।खंड शिक्षा अधिकारी बीरोंखाल विवेक पंवार ने बताया कि 22 फरवरी को बोर्ड परीक्षाओं के सचल दल ने जीआईसी बैजरो का निरीक्षण किया। जिसमें पाया कि केंद्र व्यवस्थापक दीनदयाल सिंह बिष्ट ने 20 फरवरी को हुई बोर्ड परीक्षा में जीआईसी भरोलीखाल के सहायक अध्यापक देवेंद्र बिष्ट के फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। जबकि देवेंद्र बिष्ट ने 22 फरवरी तक जीआईसी बैजरो में अपनी उपस्थिति ही दर्ज नहीं करवाई। निरीक्षण में सचल दल ने पाया कि परीक्षा प्रभारी नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र में घूम रहे हैं। विद्यालय में पहले से ही शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा ड्यूटी बांटी गई। बीईओ पंवार ने बताया कि बीते 24 फरवरी को केंद्र व्यवस्थापक दीनदयाल सिंह बिष्ट को उक्त कार्यों में लापरवाही को लेकर बीईओ कार्यालय बुलाया गया। लेकिन प्रथम चेतावनी के बाद भी वह खंड कार्यालय नहीं पहुंचे।
बीईओ पंवार ने कर्मचारी आचरण नियमावली उल्लंघन समेत दस बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कर मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी को भेज दी है। जिसमें उन्होंने जीआईसी बैजरो को केंद्र व्यवस्थापक व प्रभारी प्रधानाचार्य को विद्यालय के प्रभारों से मुक्त करते करने की संस्तुति की है। साथ ही जीआईसी बैजरो के केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी इंटर काॅलेज पाली काटली के प्रधानाचार्य हेमस्वरूप सिंह आर्य को सौंपी है।