पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय ब्लॉकचैन वेबिनार संपन्न हो गई है। इसमें विशेषज्ञों ने मीडिया, दूरसंचार, वित्त, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा सहित अनेक क्षेत्रों में ब्लॉकचैन तकनीकी की उपयोगिता को लेकर जानकारी प्रदान की। कहा कि ब्लॉकचैन लेनदेन को सुगम और सुरक्षित बनाएगा।
शुक्रवार को जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में वेबिनार के समापन पर यूनिवर्सिटी आफ बिशा सऊदी अरब के प्रो. अयूब खान ने ब्लॉकचैन तकनीक के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान व अवसरों को लेकर जानकारी दी। कहा कि ब्लॉकचैन की ‘मापनीयता’ सुविधा का उपयोग दुनिया में वस्तुओं को समायोजित करने के लिए किया जा सकता है। प्रो. खान ने कहा कि भविष्य में ब्लॉकचैन पावर आईओटी डिवाइस, स्मार्ट एप्लायंसेज, प्रिसिजन फार्मिंग सेंसर, सेल्फ-ड्राइविंग व्हीकल्स, सप्लाई चेन मॉनिटरिंग सेंसर आदि में एप्लीकेशन पा सकते हैं। वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी चेन्नई के प्रो. रंजीत कुमार ने कहा कि ब्लॉकचैन में बहुउद्देशीय व्यापार अनुप्रयोगों की पेशकश करने की क्षमता है। संस्थान में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. एचएस भदौरिया ने कहा कि ब्लॉकचैन में मीडिया और मनोरंजन के भीतर कई बाजारों को बदलने की क्षमता है। कार्यक्रम का संचालन प्रो. पपेंद्र कुमार व डॉ. वाईएस भंडारी ने किया। इस अवसर पर वेबिनार समन्वयक डॉ. एसके वर्मा, डॉ. प्रीति डिमरी, प्रो. केडी नारायण, डॉ. यशवंत चौहान व प्रो. वीएम ठक्कर आदि मौजूद रहे।