पौड़ी। कोरोना संक्रमण काल में आशा कार्यकर्ता बिना संसाधानों के प्रतिदिन मात्र 33 रुपये मानदेय पर कार्य कर रही है। बावजूद इसके वह ग्रामीण स्तर पर बेहतर कार्य कर रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है प्रशासन की ओर से मास्क सैनिटाइजर जैसी सुविधाए नहीं दी गई हैं, जबकि थर्मल स्केनर, पीपीई किट सहित अनेक सुविधाए दिए जाने की बात हो रही है। जबकि धरातल पर हम बिना सुरक्षा उपकरणों के ही सेवाएं दे रही हैं। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
शुक्रवार को मुख्यालय पौड़ी में आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर संगठन की ब्लाक अध्यक्ष सावित्री देवी ने कहा कि सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण काल के दौरान की जा रही सेवाओं के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह एक हजार राशि दिए जाने की घोषणा की गई थी। लेकिन आज तक यह राशि उन्हें नहीं
मिली है। सावित्री देवी ने कहा कि प्रशासन की ओर से हमें थर्मल स्केनर, पीपीई किट तो छोड़िए मास्क, सैनिटाजर, फेसकवर जैसी मूलभूत सुविधाएं तक प्रदान नहीं की गई है। कार्यकर्ताओं को स्वयं के खर्चें पर मास्क, सैनिटाइजर खरीदने पड़ रहे हैं। संगठन की उपाध्यक्ष संतोषी देवी व मीडिया प्रभारी बबीता नौटियाल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जा कर प्रवासियों से मिल रही हैं, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं को थर्मल स्क्रीनिंग मशीन तक नहीं दी गई हैं। जिससे आशा कार्यकर्ता केवल हाल चाल पूछने तक ही
सीमित है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश में 18 आशा कार्यकर्ता कोरोना संक्रमित हैं, जबकि चार आशा कार्यकर्ताओं की मौत भी हो चुकी है। लेकिन सरकार उनकी सुरक्षा की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस अवसर पर धनु डोभाल, ज्योति देवी, कविता नेगी, विधाता देवी, जमुना देवी, प्रियंका बहुगुणा, आफरोज, सपनापाल, लाजवंती देवी, रेखा नौडियाल व हेमलता बिष्ट आदि शामिल थे।
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मनोहर