मुख्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन शुरू हो गया है। सम्मेलन में अखिल भारतीय आंगनबाड़ी फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा रानी ने सरकार द्वारा आंगनबाड़ी के बजट में कटौती किए जाने को बच्चों के मुंह से निवाला छीनने वाला कदम बताया। वहीं सम्मेलन में सात प्रस्तावों पर मंथन किया जाएगा।
रविवार को जिला पंचायत सभागार में सीटू से जुड़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के राज्य सम्मेलन का शुभारंभ हो गया है। दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता मंडल का गठन किया गया। मंडल में कमला सती, ज्योतिका पांडे, सुनीता भट्ट व मंजू उनियाल को शामिल किया गया। सत्र की मुख्य वक्ता अखिल भारतीय आंगनबाड़ी फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा रानी ने कहा कि आंगनबाड़ी नौनिहालों की शिक्षा व स्वास्थ्य का अहम पड़ाव होता है। आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग 27 लाख से अधिक महिलाएं सेवारत हैं। कहा कि केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बजट में कटौती कर गरीब बच्चों के मुंह से निवाला छीना है। आयोजक मंडल ने बताया कि सम्मेलन में बाल विकास के निजीकरण या एनजीओ को सौंपने के विरोध, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का न्यूनतम वेतन 18 हजार किए जाने, कार्यकर्ताओं को नियमित किए जाने, रिक्त पड़े सुपरवाइजर पदों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करने सहित सात प्रस्तावों पर मंथन कर पास किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सेविका संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कमला सती ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कहा कि मुख्यालय में आज सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ रैली निकाली जाएगी। इस अवसर लक्ष्मी पंत, शिखा कोहली, नीमा रावत, अनीता चौहान, मंजू रावत, सुनीता भट्ट आदि मौजूद रहे।